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13 करोड़ लोगों को जीवित रहने के लिए सहायता की जरूरत : मून
एजेंसी, न्यूयॉर्क
Updated Sun, 21 Aug 2016 02:33 AM IST
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संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून
- फोटो : getty
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संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने विश्व मानवता दिवस पर दिए गए एक संदेश में कहा कि रिकॉर्ड 13 करोड़ लोग जीवित रहने के लिए सहायता पर निर्भर करते हैं और यह आश्चर्यजनक संख्या पृथ्वी के सर्वाधिक जनसंख्या वाले दसवें देश के बराबर है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह दिवस मनाने के लिए शुक्रवार रात आयोजित एक समारोह में ‘अरब आइडल’ के विजेता मोहम्मद असफ, ‘गेम ऑफ थ्रांस’ में अभिनय करने वाली नाताली डोर्मर, ‘द वॉयस’ की विजेता एलिसन पोर्टर और पूर्व ‘हैमिल्टन’ स्टार लेज्ली ओडोम जूनियर के अलावा सैकड़ों राजनयिकों एवं मेहमानों ने वैश्विक पीड़ा को कम करने के प्रयास तेज करने में समर्थन देने के लिए शिरकत की।
महासभा ने वर्ष 2008 में विश्व मानवता दिवस मनाए जाने की शुरुआत की थी ताकि उन सहायताकर्मियों को सम्मानित किया जा सके, जिन्होंने अपना काम करते हुए अपनी जान गंवा दी या घायल हो गए। यह दिवस मनाने के लिए 19 अगस्त की तारीख इसलिए तय की गई थी क्योंकि इस दिन वर्ष 2003 को बगदाद में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में बमबारी हुई थी, जिसमें इराक में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष दूत सर्जियो विएरा डी मेल्लो समेत 22 कर्मी मारे गए थे।
संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव जान एलियासन ने कहा कि यह बलिदान एवं साहसिक कार्यों को याद रखने, हमारी साझी मानवीयता को याद करने और दुनिया भर के उन हजारों मानवीय सहायताकर्मियों को श्रद्धांजलि देने का दिन है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 109 सहायताकर्मी मारे गए, 110 कर्मी घायल हुए और 68 कर्मियों का अपहरण हुआ।
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महासभा ने वर्ष 2008 में विश्व मानवता दिवस मनाए जाने की शुरुआत की थी ताकि उन सहायताकर्मियों को सम्मानित किया जा सके, जिन्होंने अपना काम करते हुए अपनी जान गंवा दी या घायल हो गए। यह दिवस मनाने के लिए 19 अगस्त की तारीख इसलिए तय की गई थी क्योंकि इस दिन वर्ष 2003 को बगदाद में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में बमबारी हुई थी, जिसमें इराक में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष दूत सर्जियो विएरा डी मेल्लो समेत 22 कर्मी मारे गए थे।
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संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव जान एलियासन ने कहा कि यह बलिदान एवं साहसिक कार्यों को याद रखने, हमारी साझी मानवीयता को याद करने और दुनिया भर के उन हजारों मानवीय सहायताकर्मियों को श्रद्धांजलि देने का दिन है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 109 सहायताकर्मी मारे गए, 110 कर्मी घायल हुए और 68 कर्मियों का अपहरण हुआ।
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