भारत की एनएसजी सदस्यता के लिए अमेरिका ने की अपील
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे का असर अब दिखने लगा है। चीन के कड़े विरोध के बावजूद अमेरिका ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह से इस विशिष्ट समूह में भारत की सदस्यता के लिए समर्थन करने की ताजा अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिका ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के सहयोगी देशों से यह अपील की है कि जब भी एनएसजी की समग्र चर्चा हो तब इसके सहयोगी देश भारत के आवेदन का समर्थन करें।
किर्बी के मुताबिक यह बताना मुश्किल है कि यह कैसे होगा और ना ही वह कोई अटकल लगा सकते हैं कि इसे किस तरह से किया जाएगा। लेकिन अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह भारत के आवेदन का समर्थन करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले सप्ताह अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 48 सदस्यीय समूह के लिए भारत के आवेदन का स्वागत किया था।
दोनों देशों के संयुक्त बयान में इसे लेकर प्रतिबद्घता जताई गई थी। अमेरिका ने एनएसजी में भारत के दावे को मजबूती से समर्थन किया है। उसने एनएसजी के सभी सदस्यों को बाकायदा चिट्ठी लिखकर कहा है कि 24 जून को सियोल में होने वाले अधिवेशन बैठक में वे भारत की दावेदारी का समर्थन करें।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन कैरी ने एनएसजी सदस्यों को भारत का समर्थन करने के लिए खत लिखा था। 48 देशों के समूह में ज्यादातर देश भारत की दावेदारी का समर्थन कर रहे हैं, जबकि चीन के साथ न्यूजीलैंड, आयरलैंड, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रिया भारत के प्रवेश का विरोध कर रहे हैं। चीन भारत के प्रवेश का विरोध यह कहते हुए कर रहा है कि उसने परमाणु अप्रसार संधि में हस्ताक्षर नहीं किया है। इसलिए उसके लिए नियम नहीं बदले जा सकते। चीन का कहना है कि अगर भारत को एनएसजी में जगह दी जा सकती है तो पाकिस्तान को भी इसका हिस्सा बनाना चाहिए।
एनएसजी पर भारत को यूके ने भी दिया समर्थन
एनएसजी सदस्यता को लेकर भारत को ब्रिटेन का भी साथ मिल गया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने प्रधानमंत्री मोदी को यूके की ओर से पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है। अगले हफ्ते होने वाली इस विशिष्ट समूह की महत्वपूर्ण बैठक से पहले भारत की एंट्री की उम्मीद और भी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को पीएम मोदी से टेलीफोन पर बातचीत में कैमरन ने ब्रिटेन के समर्थन की घोषणा की। डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘ब्रिटिश पीएम ने अपने भारतीय समकक्ष से 48 देशों के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता के आवेदन पर बात की।
पीएम कैमरन ने साफ कहा है कि यूके भारत की सदस्यता का समर्थन करेगा।’ एनएसजी पर भारत को अमेरिका समेत कई देशों ने समर्थन देने का एलान किया है। अमेरिका ने तो बाकायदा पत्र लिखकर दूसरे देशों से सियोल में 24 जून को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में भारत को समर्थन देने का अनुरोध किया है। वैसे तो ज्यादातर देश भारत का समर्थन कर रहे हैं पर चीन के अलावा न्यूजीलैंड, आयरलैंड, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रिया अब भी एनएसजी में भारत की एंट्री के विरोध में हैं। टेलीफोन वार्ता के दौरान कैमरन और मोदी ने यूके-इंडिया संबंधों पर भी बात की।
प्रवक्ता ने बताया कि दोनों नेता इस पर सहमत दिखे कि भारत और यूके के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। इस दौरान प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट के हाल के भारत दौरे का भी जिक्र हुआ। एनएसजी पर भारत को यूके ने भी दिया समर्थन
Published By Rahul Sankrityayan