फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   U.S. law and the pregnant woman

अमेरिकी कानून के पचड़े में फंसी गर्भवती महिला!

Sat, 25 Jan 2014 02:08 PM IST
Updated Sat, 25 Jan 2014 02:08 PM IST
विज्ञापन
U.S. law and the pregnant woman

अमेरिकी प्रांत टेक्सास में एक जज ने एक ब्रेन डेड महिला से जीवन रक्षक प्रणाली हटाने के आदेश दिए हैं। महिला को गर्भवती होने के कारण ज़िंदा रखा गया है।

विज्ञापन


जज ने जॉन पीटर स्मिथ अस्पताल को मर्लिस मुनोज़ से जीवन रक्षक प्रणाली हटाने के लिए सोमवार शाम तक का वक़्त दिया है।

मर्लिस मुनोज़ जब नवंबर में अचेत अवस्था में चली गईं थी तब वे 14 सप्ताह की गर्भवती थीं। माना जाता है कि ख़ून का थक्का जमने से उनके मस्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया था।
विज्ञापन


अस्पताल ने अदालत में तर्क दिया था कि टेक्सास का क़ानून गर्भवती महिलाओं से जीवन रक्षक प्रणाली हटाने की अनुमति नहीं देता है।

मर्लिस मुनोज़ के पति एरिक मुनोज़ ने अस्पताल के ख़िलाफ़ 14 जनवरी को मुक़दमा दायर किया था। एरिक मुनोज़ ने तर्क दिया था कि उनकी पत्नी को जीवन रक्षक प्रणाली से हटा देना चाहिए क्योंकि मर्लिस खुद डॉक्टर थी और ये जीवन समाप्त होने के बारे में उनकी इच्छाओं के ख़िलाफ़ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत में पेश किए गए दस्तावेज़ों में मुनोज़ ने कहा, "क़ानूनी तौर पर मर्लिस मुनोज़ मृत है और उसके शरीर पर डॉक्टरी करना उनका अपमान करने जैसा है।"

अदालत में यह भी कहा गया कि तकनीकी तौर पर मृत होने के चलते मर्लिस मुनोज़ को गर्भवती नहीं माना जा सकता है।

मार्लीन मुनोज़ 26 नवंबर को अपने घर की रसोई में बेहोश पाईं गईं थी।

मुनोज़ के वकील ने अदालत से कहा कि नवंबर में चिकित्सीय सेवा मिलने से पहले मर्लिस मुनोज़ का गर्भ कुछ समय के लिए बिना ऑक्सीजन के रहा होगा और अस्पताल के मेडिकल रिकार्डों के मुताबिक गर्भ साफ़ तौर पर असामान्य है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed