फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   trump said next month decision on Iran nuclear deal

ईरान परमाणु समझौते पर फैसला अगले महीने, ट्रंप बोले- यह सबसे खराब डील

Sat, 16 Sep 2017 09:05 AM IST
amarujala.com- Presented by: देव कश्यप
amarujala.com- Presented by: देव कश्यप Updated Sat, 16 Sep 2017 09:05 AM IST
विज्ञापन
trump said next month decision on Iran nuclear deal

अमेरिका ने एक तरफ ईरान पर नये सिरे से प्रतिबंध लगाते हुए साइबर हमले में जिम्मेदार आईआरजीसी की मदद करने वाली 11 इकाइयों और लोगों को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है और दूसरी तरफ ईरान परमाणु समझौते को भी खत्म करना चाह रहा है।

विज्ञापन


समझौते की समयसीमा समाप्त होने पर ट्रंप ने इस बात के संकेत दिए हैं कि यह सबसे बुरे समझौतों में से एक है। हालांकि इस समझौते पर अपने फैसले की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति अक्टूबर में करेंगे, लेकिन उनका प्रशासन इसकी समीक्षा में जुट गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- अमेरिका के खिलाफ ईरान के अधिक सैन्य खर्च को मिली मंजूरी, ट्रंप ने लगाए थे प्रतिबंध
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रंप ने फ्लोरिडा की यात्रा के दौरान विमान में संवाददाताओं से कहा कि यह समझौता कभी नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आपको जल्द ही अक्टूबर में पता चल जाएगा कि मैं क्या करने जा रहा हूं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह क्या कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने संवाददाताओं को बताया कि हम लगातार ईरान सरकार की लापरवाही और दुर्भावना से भरा रवैया देख रहे हैं। हम इसे खतरनाक मानते हैं।

मुझे लगता है कि लोगों को यह याद दिलाना चाहिए कि सरकार कितनी भी बुरी हो लेकिन लोग नहीं। इससे पहले लंदन में विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन ने भी कहा था कि ईरान नीति की समीक्षा की जा रही है। ट्रंप प्रशासन को संदेह है कि ईरान समझौते की शर्तों को पूरा नहीं कर रहा है। 

दो साल पहले ही हुआ था परमाणु समझौता

trump said next month decision on Iran nuclear deal
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर

अमेरिका और ईरान के बीच यह परमाणु समझौता दो साल पहले ओबामा प्रशासन के कार्यकाल में हुआ था। इस समझौते को खत्म करने के लिए ईरान सरकार पर भी देश में काफी दबाव है।

जबकि ट्रंप शुरू से ही इस समझौते के खिलाफ रहे हैं। इस समझौते की शर्तों के तहत ईरान ने प्रतिबंधों में व्यापक राहत के बदले परमाणु सामग्री उत्पादन से अपने हाथ खींच लिए थे।

ये भी पढ़ें- ईरान के सांसदों ने सेल्फी के चक्कर में देश को किया शर्मिंदा​

नये सिरे से ईरान पर लगाए प्रतिबंध
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने साइबर हमले में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की मदद करने वाली इकाइयों को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है। इसके तहत इनसे जुड़ी संपत्ति जब्त हो जाएगी।

नई सूची में बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को समर्थन देने वाली संस्था, यूक्रेन के दो प्रतिष्ठान व अमेरिकी वित्तीय प्रणाली पर साइबर हमला करने वाली दो ईरानी कंपनियां शामिल हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed