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रूस आतंकवाद से निपटने में मदद करेगा तो हटा सकता हूं प्रतिबंध: ट्रंप

Sun, 15 Jan 2017 02:19 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन 
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन  Updated Sun, 15 Jan 2017 02:19 AM IST
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Trump Continue to Defend Russia

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को कार्यभार संभालने से पांच दिन पहले एक बार फिर रूस के साथ संबंध सुधारने की पहल करने के संकेत देना शुरू कर दिया है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि वह कम से कम कुछ समय के लिए रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को जारी रखेंगे। लेकिन यदि मास्को मददगार साबित हुआ तो वह उस पर लगे प्रतिबंधों को हटा भी सकते हैं। 

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ट्रंप ने यह बात ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ में प्रकाशित एक इंटरव्यू में कही। उन्होंने कहा कि यदि रूस आतंकवाद से निपटने के लक्ष्य को हासिल करने में अमेरिका की मदद करता है तो किसी को उस पर क्यों प्रतिबंध लगाना चाहिए, खासतौर पर तब जबकि रूस बड़ी सोच के साथ काम कर रहा हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद वह रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से जल्द ही मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि पुतिन भी मुझसे मिलना चाहेंगे। ट्रंप ने पुतिन की तारीफ भी की।
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डोनाल्ड ट्रंप ने बल देकर कहा कि उनकी टीम के पास ‘90 दिनों के भीतर हैकिंग पर विस्तृत रिपोर्ट’ होगी। उन्होंने फिर से कहा कि रूस के पास उनके खिलाफ संवेदनशील सूचनाएं होने संबंधी दस्तावेज झूठे और फर्जी हैं। ट्रंप ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया था कि मास्को के होटल में उनके अश्लील वीडियो संबंधी दस्तावेज फर्जी हैं। उन्होंने इन दस्तावेजों में ‘डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों ही पार्टियों के घटिया राजनीतिक गुर्गों को शामिल बताया। 

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ट्रंप ने चीन को आड़े हाथों लिय

Trump Continue to Defend Russia
trump

ट्रंप ने कहा कि यदि चीन अपनी मुद्रा और व्यापार नीतियों में सुधार नहीं करेगा तो वह उसकी ‘वन चायना पॉलिसी’ को बरकरार नहीं रखेंगे। ताइवान को राजनयिक रूप से मान्यता नहीं देने की अमेरिकी नीति पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि वन चाइना समेत हर चीज पर वार्ता की जा रही है। 

ट्रंप द्वारा चीन को दरकिनार कर ताइवान की राष्ट्रपति से फोन पर की बातचीत का एक बार फिर बचाव किया और कहा कि - ‘हमने पिछले साल ताइवान को दो अरब डॉलर के सैन्य उपकरण बेचे हैं। यानी हम उन्हें दो अरब डॉलर के आधुनिक सैन्य उपकरण तो बेच सकते हैं लेकिन फोन कॉल स्वीकार नहीं कर सकते हैं।’ ट्रंप ने स्पष्ट किया कि फोन पर बात नहीं करना बहुत ही अशिष्ट व्यवहार होता।

सीनेट का खुफिया पैनल करेगा रूसी हैकिंग की जांच
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में रूस और चुनावी प्रचार में किसी भी प्रकार के संबंधों समेत हैकिंग की जांच अब अमेरिकी सीनेट की खुफिया समिति करेगी। खुफिया समिति के प्रमुख व रिपब्लिकन पार्टी के नेता रिचर्ड बर्र तथा डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता मार्क वार्नर की ओर से जारी बयान में कहा गया है है कि इस संबंध में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तथा राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ करने की योजना है। अमेरिका के गुप्तचर विभाग के प्रमुख ने जोर देकर कहा था कि उनके पास अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने में रूस का हाथ होने के ठोस सबूत हैं जबकि ट्रंप ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था।

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