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वायुसेना की ताकत में होगा जबरदस्त इजाफा, सैन्य ड्रोन देने पर विचार कर रहा अमेरिका

Mon, 23 Oct 2017 05:39 PM IST
एजेंसी/ वाशिंगटन
एजेंसी/ वाशिंगटन Updated Mon, 23 Oct 2017 05:39 PM IST
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Trump Administration is considering India request for armed drones

भारत को उच्च तकनीक वाले गार्जियन ड्रोन की बिक्री को मंजूरी दिए जाने के हफ्तों बाद अब ट्रंप प्रशासन इंडियन एयर फोर्स के लिए सैन्य ड्रोन दिए जाने के आग्रह पर भी ‘विचार’ कर रहा है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी है।  

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 26 जून को व्हाइट हाउस में हुई बैठक के बाद ट्रंप प्रशासन इस सौदे के बारे में विचार कर रहा है। इसी मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत को 22 अनआर्म्ड गार्जियन ड्रोन बेचने की घोषणा की थी। 
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सैन्य बलों के आधुनिकीकरण के अभियान के तहत सशस्त्र ड्रोन खरीदने के भारत के लंबित अनुरोध के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जी हां, भारत के आग्रह पर विचार किया जा रहा है। हालांकि हमें यह भी देखना होगा कि कैसे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत व गहरे हो सकते हैं। मैं समझता हूं कि हमें आवश्यकता आधारित रक्षा सहयोग से संबंधों को और आगे ले जाना होगा। 

पढ़ें- अमेरिका ने भारत को बताया ‘भरोसेमंद', बौखलाया चीन बोला- ये भेदभाव    


बता दें कि गार्जियन ड्रोन मिलने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की निगरानी क्षमता में इजाफा होगा। सनद रहे कि पूर्ववर्ती ओबामा सरकार ने भी भारत को मुख्य रक्षा साझीदार का दर्जा दिया था। अधिकारी के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने भी भारतीय आग्रहों पर विचार करने की प्रक्रिया को तेज किया है। हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने अपने बयान में कहा था कि ट्रंप प्रशासन भारत से साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

सैन्य ड्रोन मिलने से बढ़ जाएगी भारतीय वायु सेना की क्षमता
भारतीय वायुसेना का मानना है कि सैन्य ड्रोन मिलने से उसकी रक्षा क्षमताओं में काफी इजाफा होगा। इस साल की शुरुआत में भारतीय वायुसेना ने अमेरिकी सरकार से जनरल एटमिक्स प्रीडेटर सी एवेंगर एयरक्रॉफ्ट के लिए अनुरोध किया था। माना जाता है कि भारतीय वायुसेना को करीब 80 से 100 इकाइयों की आवश्यकता है जो करीब आठ अरब डॉलर का सौदा है।

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