फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   time to attack syria

सीरिया पर कार्रवाई का वक्त आ गया है: ओबामा

Sun, 01 Sep 2013 01:41 AM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Sun, 01 Sep 2013 01:41 AM IST
विज्ञापन
time to attack syria

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने घोषणा की है कि सीरियाई हमलों के खिलाफ अमेरीका को सैन्य कार्रवाई करनी चाहिए।

विज्ञापन


व्हाइट हाउस में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई सीमित समय के लिए और मजबूत तरीके से होगी ताकि भविष्य में रासायनिक हमलों को रोका जा सके।


इस बीच दमिश्क के पास पिछले दिनों रासायनिक हमले से जुड़े आरोपों की जांच कर रहे उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई कल भी हो सकती है, अगले हफ्ते भी हो सकती है या फिर निकट भविष्य में कभी भी। लेकिन उनका कहना था कि इसके लिए वो संसद की स्वीकृति लेना चाहेंगे।

संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों ने सीरिया छोड़ दिया है।

सीरिया में सैन्य कार्रवाई की बढ़ती संभावनाओं के बीच संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों की जांच को बेहद अहम माना जा रहा है।

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सीरिया से संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षको के चले जाने के बाद वहां अमरीकी नेतृत्व में सैन्य कार्रवाई के लिए अब राजनीतिक और व्यवहारिक अड़चनें दूर हो गई हैं।
विज्ञापन


रूस ने मांगा हमलों का सुबूत
रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने अमेरीका से कहा है कि वो संयुक्त राष्ट्र के सामने इस बात के सबूत पेश करे कि रसायनिक हमले के लिए सीरियाई सरकार ही ज़िम्मेदार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुतिन ने कहा कि रासायनिक हमले करके विपक्षियों को भड़काने का कदम उठाना सीरिया की सरकार के लिए बड़ी बेवकूफ़ी होता, वो भी तब जब सीरियाई सेना विरोधियों को ख़िलाफ़ बढ़त हासिल कर रही थी।

पत्रकारों से बातचीत में पुतिन ने कहा, "अमेरीका दावा करता है कि सीरिया की सरकार ने रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है और उनके पास सबूत हैं। उन्हें ये सबूत संयुक्त राष्ट्र के हथियार निरीक्षकों और सुरक्षा परिषद के समक्ष पेश करने चाहिए।"

उन्होंने कहा, "सबूतों को ख़ुफ़िया बताकर पेश न करना अंतरराष्ट्रीय गतिविधी में शामिल सहयोगियों के प्रति असम्मान हैं। अगर उनके पास सबूत हैं तो वे पेश किए जाने चाहिए। यदि ये सबूत सामने नहीं आते हैं तो हम यही मानेंगे कि कोई सबूत है ही नहीं।"

राष्ट्रपति पुतिन का ये बयान संयुक्त राष्ट्र के हथियार निरीक्षकों के दल के सीरिया छोड़ने के बाद आया है।

गौरतलब है राजधानी दमिश्क के नज़दीक हुए रसायनिक हमले में बच्चों समैत सैंकड़ों लोग मारे गए थे। अमेरीका का मानना है कि इस रासायनिक हमले के पीछे सीरिया की सरकार है।


दमिश्क से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक सीरिया की सेना अपने हथियारों की स्थिति में बदलाव कर रही है। हमले की संभावना के मद्देनज़र हथियारों को रिहायशी इलाक़ों में ले जाया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक मस्जिदों और स्कूलों में भी हथियार रखे जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed