नवाज के दूत ने अमेरिका से कहा- काबुल में शांति कश्मीर के रास्ते ही पहुंचेगी
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भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच पाक ने युद्ध के दौर से गुजर रहे अफगानिस्तान में शांति के मुद्दे को कश्मीर समस्या के समाधान से जोड़ दिया है। पहली बार इन दोनों मसलों को जोड़ते हुए पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा है कि काबुल में शांति कश्मीर के रास्ते ही पहुंचेगी। पाक ने कहा है कि शांति के लिए दोनों मसलों का हल निकाला जाना अनिवार्य है।
कश्मीर के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विशेष दूत मुशाहिद हुसैन सईद ने कहा है कि काबुल और कश्मीर में शांति बहाली को अलग-अलग नहीं किया जा सकता। क्या आप काबुल में शांति बहाल करेंगे और कश्मीर को जलता हुआ छोड़ देंगे। ऐसा नहीं हो सकता।
सईद ने अमेरिकी थिंक टैंक स्टीमसन सेंटर के कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका को दक्षिण एशिया में शांति के लिए व्यापक शांति समझौते की बात करनी चाहिए। यहां के लोगों को पुरानी दुश्मनी का बंधक नहीं बने रहने देना चाहिए। कार्यक्रम में सईद के अलावा पाक पीएम की एक अन्य विशेष दूत शजरा मंसाब भी मौजूद थीं।
कश्मीर राग अलापने में जुटा पाक
मंसाब ने कहा कि पाकिस्तान के लिए इस समय मुख्य मुद्दा कश्मीर है और अगर इस मुद्दे को सुलझाया नहीं गया तो क्षेत्र में शांति बहाल नहीं हो सकती। यह एक अंतरराष्ट्रीय विवाद है। यह आंतरिक समस्या नहीं है। मंसाब ने कहा कि भारत और पाकिस्तान परमाणु संपन्न पड़ोसी देश हैं। इसलिए हमें कश्मीर मुद्दे को सुलझा कर शांति बहाल करनी होगी। इसके बाद अन्य मसले आसानी से सुलझ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बगैर किसी पूर्व शर्त के शांति वार्ता की पेशकश की है, लेकिन भारत की ओर से लगातार इसे ठुकराया जाता रहा है। मंसाब ने कहा कि आगे बढ़ने का तरीका सिर्फ बातचीत है और पाकिस्तान किसी भी मुद्दे पर बातचीत को तैयार है, लेकिन भारत सिर्फ एक मुद्दे पर बातचीत करना चाहता है।