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टीचर ने नहीं जाने दिया सू-सू , स्कूल चुकाएगा 8.5 करोड़
बीबीसी हिंदी. कॉम के लिए
Updated Fri, 27 Jan 2017 11:26 AM IST
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अमरीका में एक स्कूल को 12.5 लाख डॉलर यानी करीब साढ़े आठ करोड़ रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है, क्योंकि उसकी बदइंतजामी से एक छात्रा को मजबूरी में बाल्टी में पेशाब करना पड़ा था। मामला कैलिफोर्निया के एक स्कूल का है।
सुपीरियर कोर्ट ज्यूरी ने 2012 में हुई इस घटना के लिए स्कूल को मुआवजा देने का आदेश दिया है। पूर्व छात्रा ने कोर्ट को बताया था कि इस घटना की वजह से वह अवसादग्रस्त हो गई थी और उसके मन में खुदकुशी करने जैसे खयाल भी आए थे।
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सुपीरियर कोर्ट ज्यूरी ने 2012 में हुई इस घटना के लिए स्कूल को मुआवजा देने का आदेश दिया है। पूर्व छात्रा ने कोर्ट को बताया था कि इस घटना की वजह से वह अवसादग्रस्त हो गई थी और उसके मन में खुदकुशी करने जैसे खयाल भी आए थे।
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मुकदमे के अनुसार अब 19 साल की हो चुकी पैट्रिक हेनरी हाई स्कूल की छात्रा ने कहा कि उसने बाथरूम जाने की इजाजत मांगी थी, लेकिन शिक्षिका गोन्जा वोल्फ ने इनकार कर दिया था। शिक्षिका का कहना था कि इस क्लास में बाथरूम ब्रेक की इजाजत नहीं थी।
शिक्षिका ने हेनरी को बगल वाले कमरे में जाने को कहा, जहाँ वो बाल्टी में पेशाब कर सकती थी और फिर इसे सिंक में डाल सकती थी। पूर्व छात्रा ने स्कूल पर पहले 25 हजार डॉलर का दावा किया था, लेकिन निचली अदालत ने इसे खारिज कर दिया था।
स्कूल का कहना था कि अध्यापक का इरादा कभी भी छात्रा को बेइज्जत करने का नहीं था। हालाँकि इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने छात्रा और उसकी उसकी मां से माफी मांगी और शिक्षकों को निर्देश दिए कि बाथरूम ब्रेक की इजाजत है।
शिक्षिका ने हेनरी को बगल वाले कमरे में जाने को कहा, जहाँ वो बाल्टी में पेशाब कर सकती थी और फिर इसे सिंक में डाल सकती थी। पूर्व छात्रा ने स्कूल पर पहले 25 हजार डॉलर का दावा किया था, लेकिन निचली अदालत ने इसे खारिज कर दिया था।
स्कूल का कहना था कि अध्यापक का इरादा कभी भी छात्रा को बेइज्जत करने का नहीं था। हालाँकि इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने छात्रा और उसकी उसकी मां से माफी मांगी और शिक्षकों को निर्देश दिए कि बाथरूम ब्रेक की इजाजत है।