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जलवायु परिवर्तन से दुनिया को बचाने के लिए विकसित देशों को आगे आना होगा : सुषमा
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
Updated Sun, 30 Sep 2018 02:52 AM IST
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sushma swaraj
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भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यूएन महासभा में कहा कि अपने तात्कालिक फायदे के लिए प्रकृति का दोहन करने वाले देश अब अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ सकते। विकसित देशों को दुनिया को जलवायु परिवर्तन से बचाने के लिए छोटे देशों को आर्थिक और तकनीकी मदद देने के लिए आगे आना चाहिए।
सुषमा ने कहा कि विकासशील और कम विकसित देशों पर जलवायु परिवर्तन की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। इन देशों के पास संकट से निपटने के लिए न तो क्षमता है और न ही संसाधन। उन्होंने जोर दिया कि 2015 के पेरिस जलवायु समझौते में साझा जिम्मेदारियों और क्षमताओं के सिद्धांत को दोहराया गया है। भारत पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है।
स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की साझेदारी में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन शुरू किया है। पीएम ने 2022 तक प्लास्टिक के सभी सिंगल यूज को खत्म करने की प्रतिबद्धता जताई है। वहीं, भारत ने 30 करोड़ एलईडी बल्ब बांटकर 2 अरब डॉलर और 4 गीगावाट बिजली की बचत की।
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सुषमा ने कहा कि विकासशील और कम विकसित देशों पर जलवायु परिवर्तन की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। इन देशों के पास संकट से निपटने के लिए न तो क्षमता है और न ही संसाधन। उन्होंने जोर दिया कि 2015 के पेरिस जलवायु समझौते में साझा जिम्मेदारियों और क्षमताओं के सिद्धांत को दोहराया गया है। भारत पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है।
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स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की साझेदारी में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन शुरू किया है। पीएम ने 2022 तक प्लास्टिक के सभी सिंगल यूज को खत्म करने की प्रतिबद्धता जताई है। वहीं, भारत ने 30 करोड़ एलईडी बल्ब बांटकर 2 अरब डॉलर और 4 गीगावाट बिजली की बचत की।
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