बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

वो 'मेरा जिस्म टॉयलेट की तरह इस्तेमाल करते'

Updated Fri, 03 Jul 2015 04:54 PM IST
विज्ञापन
story of a prostitute
ख़बर सुनें
बात 1970 के दशक की शुरुआत की है। ब्रेंडा मायर्स पॉवेल तब बच्ची ही थीं जब उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया गया था। तीन दशक बाद यहां वो अपनी कहानी बता रही हैं कि कैसे वो उन 'गलियों' में पहुँची, कोई और लड़की ऐसे जाल में न फंसे ये तय करने के लिए उन्होंने अपनी ज़िंदगी क्यों समर्पित कर दी? उनकी कहानी कुछ लोगों को असहज कर सकती है।
विज्ञापन


शुरूआती ज़िंदगी
शुरुआत से ही मेरी ज़िंदगी खटास भरी थी, लेकिन मैंने हमेशा इसमें रस घोलने की कोशिश की। मेरा बचपन 1960 के दशक में पश्चिमी शिकागो में बीता। मैं जब छह महीने की थी, तभी मेरी मां की मौत हो गई। उस वक्त मेरी मां सिर्फ़ 16 बरस की थीं। मुझे ये कभी पता नहीं चला कि उनकी मौत कैसे हुई? बहुत अधिक शराब पीने वाली मेरी दादी मुझे कभी नहीं बता सकीं। मैंने सुना है कि वो खूबसूरत थीं और उनका हास्यबोध अच्छा था। मैं जानती हूँ कि ये सच है क्योंकि मैं भी ऐसी ही हूँ।

विज्ञापन
आगे पढ़ें

बचपन का दर्द

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X