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'जिहाद जेन' को दस साल की सजा

Tue, 07 Jan 2014 02:44 PM IST
Updated Tue, 07 Jan 2014 02:44 PM IST
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sentenced of ten years to jihad jane

मुसलमानों की भावनाओं को कथित तौर पर आहत करने वाला कार्टून बनाने वाले स्वीडन के एक कार्टूनिस्ट को मारने की साज़िश में शामिल अमेरिका की एक महिला को दस साल क़ैद की सज़ा दी गई है।

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ख़ुद को जिहाद जेन कहने वाली कोलीन लारोस ने साल 2011 में स्वीडेन के कार्टूनिस्ट लार्स विल्क्स को मारने और इस काम के लिए दूसरे लोगों को भर्ती करने की बात स्वीकार की थी।
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50 वर्षीय लारोस को आजीवन कारावास तक की सज़ा मिल सकती थी लेकिन एक न्यायाधीश ने उनकी सज़ा घटी दी। न्यायाधीश ने कहा कि लारोस ने जाँच में सहयोग किया था।

लारोस ने सुनवाई में कहा, "अब मैं आगे जिहाद में शामिल नहीं होना चाहती हूँ।"

विल्क्स उस समय कट्टरपंथियों के निशाने पर आए थे जब उन्होंने पैंगबर मोहम्मद का एक आपत्तिजनक कार्टून बनाया था। इराक़ में इस्लामी चरमपंथियों ने उनके सिर पर एक लाख डॉलर का इनाम रखा था लेकिन विल्क्स पर कभी हमला नहीं हुआ।
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चरमपंथियों को मदद
लारोस ने विल्क्स को किसी दूसरे देश में मारने की साज़िश रची थी और इसके लिए चरमपंथियों को मदद भी मुहैया कराई थी। उन्हें पहचान प्रमाणपत्र चुराने और झूठा बयान देने का भी दोषी पाया गया।

अभियोजकों ने इस बात को माना कि गिरफ़्तारी के बाद लारोस ने जाँच में सहयोग किया लेकिन उन्होंने न्यायाधीश से लारोस के लिए आजीवन कारावास की मांग की थी। उनका मानना था कि लारोस अब भी ख़तरनाक हैं।

एफ़बीआई ने सोमवार को एक बयान में कहा कि लारोस और इस साज़िश में शामिल उनके साथियों ने दक्षिण एशिया और यूरोप में जिहाद छेड़ने के लिए लोगों को इंटरनेट के ज़रिए भर्ती किया था।

साथ ही उन्होंने इंटरनेट के ज़रिए ऐसी महिलाओं को भी भर्ती किया था जो यूरोप में जिहाद छेड़ने के लिए वहाँ जाने के क़ाबिल हों।

पैनसिल्वेनिया की लारोस ने अपने आयरलैंड जाकर एक चरमपंथी संगठन के साथ विल्कस को मारने की साजिश रची थी लेकिन छह सप्ताह बाद ही उन्होंने वह देश छोड़ दिया था।


दलील
सहायक सरकारी वकील जेनिफ़र आर्बिटियर विलियम्स ने अदालत को बताया कि लारोस ने इसलिए आयरलैंड छोड़ा था क्योंकि उनके साथी इस काम के लिए तैयार नहीं थे।

लारोस के वकील मार्क विल्सन ने अपनी दलील में कहा कि उनकी मुवक्किल को इस्लाम की शांति की शिक्षा समझ में आ गई है और अब वह भविष्य में जिहाद में शामिल नहीं होंगी।

चार साल जेल में बिता चुकीं लारोस ने सोमवार को एक न्यायाधीश से कहा कि साल 2009 में उनके सिर पर ख़ून सवार था और वह दिनरात इसके बारे में ही सोचती थीं।

लारोस को सज़ा का ऐलान होने से पहले विल्क्स ने बीबीसी से कहा कि उन्हें लगता है कि लारोस को छोड़ा जा सकता है।

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता है कि वो अब भी ख़तरनाक हैं क्योंकि अब सबकुछ साफ़ हो गया है और मुझे नहीं लगता कि अब वह कोई ऐसा काम कर सकती हैं।"

सख़्त सज़ा की वकालत
विल्क्स ने कहा, "मुझे नहीं लगता है कि उन्हें जेल में रखने से कुछ हासिल होगा।"

लेकिन अभियोजकों ने कहा कि लारोस को सख़्त सज़ा दिए जाने की ज़रूरत है ताकि दूसरे लोग ऐसा कोई काम करने से बाज आएं।

विलियम्स ने कहा, "अगर आप किसी को मारने की साजिश रचते हैं तो आपको कई दशक जेल में बिताने पड़ेंगे, चाहे आप जाँच में सहयोग भी करें।"

सरकारी वकील ज़ेन डेविड मेमेगर ने कहा कि यह मामला इस बात को दर्शाता है कि देश किस तरह के चरमपंथी ख़तरे का सामना कर रहा है।

लारोस के साथ इस साज़िश में शामिल दो अन्य लोगों जेमी पौलिन रामिरेज़ और मोहम्मद हसन ख़ालिद को भी इसी सप्ताह सज़ा सुनाई जानी है।

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