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भारत की स्थायी सीट की दावेदारी को रूसी समर्थन
न्यूयॉर्क/एजेंसी
Updated Fri, 28 Sep 2012 12:39 AM IST
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रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सीट की दावेदारी को अपना समर्थन दोहराया है। भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई ने बताया कि सुरक्षा परिषद में वीटो अधिकार वाले स्थायी सदस्य देश रूस के विदेश मंत्री सरगेई लावरोव ने महासभा के 67वें सत्र के इतर आयोजित ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि वह सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करते हैं।
मथाई बुधवार को ब्रिक्स बैठक में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। रूस ने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे को उस समय समर्थन किया था जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गत वर्ष दिसंबर में रूस की यात्रा की थी। मथाई ने कहा कि जी-4 देशों ब्राजील, जर्मनी, भारत और जापान की एक बैठक के दौरान सुरक्षा परिषद सुधार की दिशा में अभी तक हासिल की गई प्रगति का जायजा लिया गया और देशों ने सर्वसम्मति से अधिक राजनीतिक गति प्रदान करने और सुधार प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के वास्ते मिलकर कार्य करने का निर्णय किया।’
महासभा के वर्तमान सत्र में हिस्सा लेते हुए भारत अभी तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार की दिशा में हासिल प्रगति को मजबूती प्रदान करने के लिए कार्य करेगा। मथाई ने कहा, ‘भारत आशा करता है कि वह सुरक्षा परिषद सुधार के लिए अंतरसरकारी बातचीत में सक्रिय रूप से शामिल होगा और सुरक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी सदस्यता श्रेणी में जल्द विस्तार के लिए प्रयास करेगा।’
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मथाई बुधवार को ब्रिक्स बैठक में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। रूस ने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे को उस समय समर्थन किया था जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गत वर्ष दिसंबर में रूस की यात्रा की थी। मथाई ने कहा कि जी-4 देशों ब्राजील, जर्मनी, भारत और जापान की एक बैठक के दौरान सुरक्षा परिषद सुधार की दिशा में अभी तक हासिल की गई प्रगति का जायजा लिया गया और देशों ने सर्वसम्मति से अधिक राजनीतिक गति प्रदान करने और सुधार प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के वास्ते मिलकर कार्य करने का निर्णय किया।’
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महासभा के वर्तमान सत्र में हिस्सा लेते हुए भारत अभी तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार की दिशा में हासिल प्रगति को मजबूती प्रदान करने के लिए कार्य करेगा। मथाई ने कहा, ‘भारत आशा करता है कि वह सुरक्षा परिषद सुधार के लिए अंतरसरकारी बातचीत में सक्रिय रूप से शामिल होगा और सुरक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी सदस्यता श्रेणी में जल्द विस्तार के लिए प्रयास करेगा।’
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