रोमनी बनाम ओबामा: पांच मुद्दे, पांच जवाब

बीबीसी हिन्दी Updated Sat, 27 Oct 2012 03:54 PM IST
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अमरीकी राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले हुई दूसरी बहस में, इन पांच अहम मुद्दों पर सबसे तीखी तकरार हुई। आइए जानते हैं क्या है बराक ओबामा और मिट रोमनी की राय, और किसका पलड़ा है भारी।

नौकरियां मिट रोमनी: आज उससे कहीं ज्यादा कम संख्या में अमरीकियों के पास नौकरियां हैं जितनी उसक वक्त थीं जब राष्ट्रपति ओबामा ने कार्यभार संभाला था। अमरीका में लोगों को नौकरियां दिलाने के क्षेत्र में हम बहुत कम सुधार कर पाए है। मैं चाहता हूं कि छोटे व्यापार बढ़ें और मुझे पता है कि ये कैसे करना है।

बराक ओबामा: ने रोमनी के पांच सूत्रीय आर्थिक विकास कार्यक्रम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनका कार्यक्रम एक सूत्रीय है कि व्यापार क्षेत्र में ऊंचे पदों पर बैठे लोगों के लिए अलग नियम हों। निजी क्षेत्र में उनकी यह नीति रही है और यही नीति वो राष्ट्रपति बनने के बाद लागू करेंगे।

ऊर्जा बराक ओबामा: पिछले 20 साल में अमरीका के इतिहास में तेल-गैस का उत्पादन इतना नहीं बढ़ा जितना हमारी सरकार के कार्यकाल में। हमारी सरकार के दौरान तेल का आयात बेहद कम हुआ। हम ऐसी कारें बना रहे हैं तो कम तेल से चल जाएं और इससे नौकरियों की संख्या बढ़ रही हैं।

मिट रोमनी: ने इसके जवाब में ओबामा पर हमला करते हुए कहा, मुझे नहीं लगता कि कोई भी इस बात पर विश्वास करेगा कि एक व्यक्ति के तौर पर आप तेल, ऊर्जा और कोयले के मुद्दे पर कोई क्रांतिकारी कदम उठाएंगे।

कर मिट रोमनी: हमारी सरकार कर प्रणाली को सरल बनाएगी और मध्यवर्ग के लिए करों को कम करेगी। हमारी कर नीति खासतौर पर मध्यमवर्ग के लिए होगी क्योंकि राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल के दौरान यह वर्ग सबसे अधिक बोझ से दबा रहा है।

बराक ओबामा: ने इसके जवाब में कहा कि हमारी सरकार मध्यवर्ग के साथ उन लोगों के लिए भी कुछ करना चाहती है जो निम्नवर्ग से मध्यवर्ग में शामिल होने की लगातार जी तोड़ कोशिश कर रहा है. चार साल पहले हमने कहा था कि हम मध्यवर्ग को राहत देंगे और तब हमने उनके लिए भी ये काम किया था. छोटे स्तर के व्यापारों को बढ़ावा देने के लिए हमने 18 बार करों में कटौती की है।

पेंशन बराक ओबामा: गवर्नर मिट रोमनी की पेंशन मुझसे कहीं ज्यादा है। चीन में उन्होंने कई तरह के निवेश कर रखे हैं। ओबामा ने इस मुद्दे पर बदले में लगाए गए आरोपों को बेहद हल्के अंदाज़ में लिया।

मिट रोमनी: ने इस कटाक्ष का जवाब देते हुए कहा कि क्या आपने कभी अपनी पेंशन को देखा है। मुझसे ज्यादा अपने अपनी पेंशन से चीन में निवेश किया है।

लीबिया मिट रोमनी: लीबिया में अमरीकी दूतावास पर पिछले महीने हुए हमले में अमरीकी उच्चायुक्त सहित हमारे तीन नागरिकों की मौत हुई। इसके लिए सरकार की नीतियां और मध्यपूर्व को लेकर हमारी विदेश नीति ज़िम्मेदार है। राष्ट्रपति को इसे चरमपंथी घटना कहने में भी काफी वक्त लगा। हालांकि इस मुद्दे पर रोमनी तथ्यात्मक रुप से गलत साबित हुए।

बराक ओबामा: ने इसका जवाब देते हुए कहा कि हमने तुरंत ही आधिकारिक रुप से इसकी निंदा करते हुए इस हमले को चरमपंथी घटना कहा था। रोमनी के तथ्यात्मक रुप से गलत होने की पुष्टि बहस की संचालक क्राउली ने भी की। ओबामा ने कहा कि फिर भी एक राष्ट्रपति के रुप में वो इस घटना की ज़िम्मेदारी लेते हैं और दोषियों को हर कीमत पर सज़ा दिलाएंगे।

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