बीमार नौकरानी को कुत्ते के साथ सुलाती थी भारतीय-अमेरिकी सीईओ
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अमेरिका में आईटी फर्म की एक भारतीय-अमेरिकी सीईओ पर अपनी घरेलू नौकरानी के साथ बेरहमी भरा सलूक करने का मामला दर्ज किया गया है। नौकरनी भारत से अमेरिका सीईओ के लिए यहां काम करने आई थीं।
अमेरिका के श्रम विभाग की शिकायत के अनुसार रोज इंटरनेशनल और आईटी स्टाफिंग कंपनी की सीईओ हिमांशु भाटिया पर आरोप है कि जब घरेलू सहायिका बीमार हो जाती थीं तो भाटिया उन्हें अपने गैराज में एक चटाई पर अपने कुत्ते के बगल में सोने के लिए मजबूर करती थीं।
भाटिया पर आरोप है कि जब वो कई दिनों के लिए बाहर जाती थीं तो निंगवाल के खाने की व्यवस्था नहीं करती थीं। आरोपों के अनुसार भाटिया ने उसका पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया था। वो उन्हें कहीं आने जाने नहीं देती थीं। सीईओ अपनी घरेलू सहायक को 400 अमेरिकी डॉलर, खाना और रहने के लिए जगह देती थी।
एक दिन में 15 घंटे कराती थी काम
वो सहायक से एक दिन में 15 घंटे और हफ्ते में सातों दिन काम कराती थीं। घरेलू सहायिका सैन जुआन स्थित घर पर काम करती थी। सहायिका का नाम शीला निंगवाल हैं। सीईओ नौकरानी से अपने मियामी, लास वेगास और कैलीफोर्निया स्थित लॉन्ग बीच में भी काम कराने ले जाती थीं।
अमेरिकी श्रम मंत्री थॉमस ई पेरेज़ ने 22 अगस्त को कैलिफोर्निया की एक स्थानीय अदालत में भाटिया पर नौकरानी के साथ सलूक करने और प्रताड़ित करने की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार दिसंबर 2014 में भाटिया ने निंगवाल को इंटरनेट पर श्रम कानून के बारे में जानकारी लेते हुए देखा तो उन्होंने उनसे एक कागजात पर दस्तखत करने के लिए कहा तो निंगवाल ने इनकार कर दिया।
भाटिया 1987 में पढ़ाई करने अमेरिका चली गई थीं
निंगवाल के अनुसार कागजात पर लिखा था कि भाटिया उन्हें पर्याप्त तनख्वाह देती हैं और उनके बीच नौकरी से जुड़ा कोई विवाद नहीं है। दस्तखत करने से मना करने के बाद भाटिया ने निंगवाल को नौकरी से निकाल दिया।
मंत्रालय के संबंधित विभाग की जांच में पता चला है कि भाटिया ने जुलाई 2012 से दिसंबर 2014 के बीच अमेरिकी श्रम कानूनों का उल्लंघन किया था। दिल्ली में पली बढ़ी भाटिया 1987 में पढ़ाई करने अमेरिका चली गई थीं।
पढ़ाई के बाद उन्होंने अमेरिका में ही नौकरी करनी शुरू कर दी। 1993 में उन्होंने रोज़ इंटरनेशनल की स्थापना की। उन्हें अग्रणी भारतीय-अमेरिकी महिला उद्यमियों में से एक माना जाता है। साल 2011 में रोज इंटरनेशनल का सालाना राजस्व 2300 करोड़ रुपये से ज्यादा था।