फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   Racism issue in the US elections and the crack of the black-white

'व्हाइट हाउस उस काले राष्ट्रपति के लिए नहीं'

Thu, 03 Nov 2016 12:54 PM IST
ब्रजेश उपाध्याय/ बीबीसी संवाददाता, फरगसन, मिसूरी, अमरीका
ब्रजेश उपाध्याय/ बीबीसी संवाददाता, फरगसन, मिसूरी, अमरीका Updated Thu, 03 Nov 2016 12:54 PM IST
विज्ञापन
Racism issue in the US elections and the crack of the black-white
- फोटो : bbc

अमेरिका में हाल में हुए एक सर्वेक्षण के मुताबिक वहां 89 प्रतिशत अफ्रीकी-अमरीकी वोटरों ने डैमोक्रैट हिलेरी क्लिंटन के पक्ष में वोट देने के संकेत दिए हैं। इसी सर्वेक्षण में जब ये पूछा गया कि क्यो वो लोग रिपब्लिकन डोनल्ड ट्रंप को नस्लवादी मानते हैं, तो 84 प्रतिशत का जवाब था- ''हां।"

विज्ञापन


ये जानकारी मंगलवार को अमेरिका के नेशनल न्यूज़पेपर पब्लिशर्स एसोसिएशन के ओपिनियन पोल में जारी की गई है। लेकिन कई रिपोर्टों में ये भी कहा जा रहा है कि अफ्रीकी-अमरीकी वोटर उस उत्साह से बाहर नहीं निकल रहे, जिस तरह से वो बराक ओबामा के लिए 2008 और 2012 में निकले थे। अमेरिका में काले-गोरे के बीच की ये दरार आज भी कितनी गहरी है? क्या उसका असर इन चुनावों पर होगा? अमरीकी चुनावों पर हमारी विशेष सिरीज़ की तीसरी कड़ी इसी मुद्दे पर है:
विज्ञापन

 
न्यूयॉर्क के बफ़ेलो शहर के दूसरे सबसे पुराने शराबखाने के मालिक टिम वाइल्स का ज़िक्र मैंने इस श्रृंखला की दूसरी कड़ी में भी किया था।

"ओबामा देशभक्त नहीं हैं, वो मुसलमान हैं"

Racism issue in the US elections and the crack of the black-white

टिम वाइल्स का बिज़नेस काफ़ी अच्छा चलता है, शराबखाने में भीड़ काफ़ी होती है। लेकिन वो उन लोगों में से हैं जो अमेरिका के मौजूदा हालात से ख़ासे नाराज़ नज़र आते हैं। जब मैंने उनसे पूछा कि उनका बिज़नेस तो काफ़ी अच्छा चल रहा है, तो वो किस बात से सबसे ज़्यादा नाराज़ हैं, तो उनके जवाब ने मुझे और कैमरा संभाल रहे मेरे सहयोगी इएन कार्टराइट, दोनों को एक पल के लिए सकते में डाल दिया।

उन्होंने राष्ट्रपति ओबामा के लिए एक भद्दी गाली के साथ काले लोगों के लिए एक बेहद अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया, जो मैं यहां लिख नहीं सकता। फिर कहा: "व्हाइट हाउस उस काले राष्ट्रपति के लिए नहीं है।"

आठ साल पहले जब मैं ओबामा के पहले ऐतिहासिक चुनाव की रिपोर्टिंग कर रहा था, तो गोरे वोटरों से मुझे कई बार सुनने को मिला कि ओबामा देशभक्त नहीं हैं, वो मुसलमान हैं, वगैरह-वगैरह...

"ओबामा के कार्यकाल में हालात नहीं बदले, तो हिलेरी से क्या उम्मीद करें"

Racism issue in the US elections and the crack of the black-white

लेकिन आठ साल के बाद भी ओबामा को लेकर जिस तरह का ग़ुस्सा कई गोरे वोटर्स में है, वो काफ़ी हद तक रंग की वजह से बंटे हुए अमेरिका समाज की कहानी बयां करता है। बहुत लोगों का कहना है कि डोनल्ड ट्रंप ने ओबामा के शुरुआती दिनों में उनके अमरीकी होने पर सवाल उठाकर और फिर इस चुनावी अभियान के दौरान भी उन बातों को हवा देकर इस खाई को और गहरा किया है।

अफ़्रीकी-अमरीकी मूल के क्रिस ब्राउन क्लीवलैंड की एक लॉंड्री में काम करते हैं। वो जहां रहते हैं वो पूरा इलाका काले लोगों का है, काफ़ी पिछड़ा है और वहां अपराध मामलों की दर काफ़ी ज़्यादा है। जानकार कहते हैं कि वहां के ज़्यादातर लोग ट्रंप को नस्लवादी मानते हैं और ये तय कर चुके हैं उन्हें वोट नहीं देंगे।

लेकिन वो ये नहीं तय कर पाए हैं कि हिलेरी के लिए वोट डालने निकलें भी या नहीं। वो कहते हैं, "जब ओबामा के आठ साल के कार्यकाल में हमारे हालात नहीं बदले, तो हिलेरी से क्या उम्मीद करें।"

विज्ञापन

90 प्रतिशत काले वोटर ओबामा के लिए अच्छी राय रखते हैं

Racism issue in the US elections and the crack of the black-white

लेकिन वो साथ ही ये भी कहते हैं कि रिपब्लिकन कांग्रेस ने ओबामा को कुछ भी करने नहीं दिया। हिलेरी क्लिंटन के लिए ये वोट अहम हैं और कभी ओबामा तो कभी मिशेल ओबामा को इन इलाकों में भेजकर वो जोश पैदा करवाने की कोशिश कर रही हैं।

ताज़ा सर्वे के मुताबिक अब भी 90 प्रतिशत काले वोटर ओबामा के लिए अच्छी राय रखते हैं। पिछले दो सालों में पुलिसवालों के हाथों कई काले नौजवानों की मौत ने भी नस्लवाद की बहस को चुनावी मुद्दा बनाया है।

ट्रंप ने इसे नस्लवाद की जगह क़ानून व्यवस्था की समस्या करार दिया है और ख़ुद को "लॉ ऐंड ऑर्डर कैंडिडेट" के तौर पर पेश करते हुए पुलिस को अपना पूरा सहयोग देने का वादा किया है।

"ट्रंप की बातों ने जैसे नस्लवाद को फिर से मुख्यधारा में ला दिया"

Racism issue in the US elections and the crack of the black-white

मिसूरी राज्य का फ़रगसन शहर जहां एक काले नौजवान माइकल ब्राउन की पुलिस के हाथों हुई मौत के बात "ब्लैक लाइव्स मैटर" नामक आंदोलन ने ज़ोर पकड़ा था, वहां ट्रंप की ये बात लोगों को काफ़ी नागवार गुज़र रही है।

जिस सड़क पर माइकल ब्राउन को गोली मारी गई, वहीं रहने वाली एक काली महिला ने अपना नाम बताए बगैर कहा कि ट्रंप की बातों ने जैसे नस्लवाद को फिर से मुख्यधारा में ला दिया है। वो कहती हैं, "यहां ढंग के स्कूल नहीं हैं, रोज़गार नहीं है और पुलिस हर काले नौजवान को अपराधी की तरह देखती है। ट्रंप ने उसी सोच को और मज़बूत किया है।"

पति के दौर को वापस लाने का वादा कर रही हैं हिलेरी

Racism issue in the US elections and the crack of the black-white

उजड़े मकान, बंद पड़े स्कूल, बेरोज़गारी, ड्रग्स ये सब जैसे कई काले इलाकों की पहचान बन गए हैं। बरसों से डेमोक्रैट्स उनकी हालत बेहतर करने का दावा करते आए हैं, लेकिन सुधार या तो बिल्कुल नहीं है या फिर उसकी रफ़्तार इतनी धीमी कि पता ही नहीं चलता।

ट्रंप अब उनसे कह रहे हैं कि काले वोटरों को उनकी तरफ़ आना चाहिए क्योंकि उनके पास "खोने को कुछ भी नहीं है" और ट्रंप के कार्यकाल में हालात बेहतर ही हो सकते हैं, बदतर नहीं। हिलेरी क्लिंटन के पति बिल क्लिंटन के शासन के दौरान काले लोगों के लिए काफ़ी नौकरियां पैदा हुई थीं और हिलेरी उसी दौर को वापस लाने का वादा कर रही हैं। कई राज्यों में काले वोट जीत और हार का फ़ैसला कर सकते हैं।

जानकारों का कहना है कि काले वोटर अगर वोट डालने नहीं निकलते हैं तो उसका सीधा फ़ायदा ट्रंप को होगा और हिलेरी क्लिंटन की टीम ये संदेश इन वोटरों तक पहुंचाने की कोशिश में जुटी है। आठ साल पहले व्हाइट हाउस में पहले काले राष्ट्रपति के पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने ये उम्मीद जताई थी कि अमेरिका ने शायद नस्लवाद को पीछे छोड़ दिया है। लेकिन 2016 के अमेरिका की तस्वीर उस उम्मीद से मेल नहीं खा रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed