फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   pm Modi and trump wants to break old traditions

पुरानी परंपराएं तोड़ना चाहते हैं मोदी-ट्रंप

Mon, 19 Jun 2017 06:33 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट Updated Mon, 19 Jun 2017 06:33 AM IST
विज्ञापन
pm Modi and trump wants to break old traditions

भारत और एशिया मामलों के एक जाने-माने विशेषज्ञ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘सधे हुए कारोबारी’ हैं, जो चीजों को पूरा करने के लिए पुरानी परंपराएं तोड़ने के इच्छुक हैं।

विज्ञापन


एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट से जुड़े भारत के लिए सीनियर फेलो मार्शल बाउटन ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘ट्रंप प्रशासन माल को निर्यात करने के लिए बाजार चाहता है और भारत निवेश चाहता है। वहां कहीं एक डील है। ये दोनों नेता सधे हुए कारोबारी हैं जो चीजों को पूरा करने के लिए पुरानी नीति या परिपाटी को तोड़ना चाहते हैं।’
विज्ञापन


उन्होंने सुझाव दिया कि 26 जून को होने वाली दोनों नेताओं की पहली मुलाकात में द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। द शिकागो काउंसिल ऑन ग्लोबल अफेयर्स के अवकाश प्राप्त अध्यक्ष बाउटन ने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग के मुकाबले आर्थिक संबंध काफी कमजोर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने आगे कहा कि अगर मोदी और ट्रंप यूएस-इंडिया संबंधों के बारे में बड़ा सोचते हैं तो उन्हें जॉर्ज बुश प्रशासन में असैन्य परमाणु समझौते से मजबूत हुए रणनीतिक संबंधों और बराक ओबामा के समय में जलवायु समझौते की तरह आर्थिक संबंधों में बदलाव लाने पर विचार करना चाहिए। 

बाउटन ने कहा, ‘दोनों नेताओं के पास एक दूसरे को जानने का अच्छा अवसर होगा। साथ ही दुनिया और सामरिक हित के मसलों पर उनके नजरिए के आधार पर साझा जमीन भी तैयार की जा सकेगी जिससे दोनों सरकारों के संबंधों को आगे ले जाने का मार्ग प्रशस्त किया जा सके।’ उन्होंने यह भी कहा कि इस मुलाकात से उन्हें किसी बड़े परिणाम के सामने आने की उम्मीद नहीं है।

आगे यह भी कहा, ‘मैं संभावनाओं को खारिज नहीं कर रहा हूं लेकिन इस मुलाकात से किसी बड़ी घोषणा की मुझे उम्मीद नहीं है।’ कहा कि दुनिया के सबसे बड़े और पुराने लोकतांत्रिक देशों के नेताओं की इस पहली मुलाकात का सबसे सकारात्मक नतीजा यही होगा कि तमाम मसलों पर उनके विचार मिलेंगे जिस पर वे आगे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।


बाउटन ने पिछले महीने ट्रंप प्रशासन और भारत के संबंधों पर एक विस्तृत पेपर भी लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिकी प्रशासन को द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और संभावित विवादों का समाधान करने के लिए मोदी सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने सुरक्षा और आतंकवाद को प्रमुख मुद्दा बताया है जिस पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed