पाक ने अमेरिका में अलापा कश्मीर राग, कहा- UNSC के प्रस्ताव से हल हो कश्मीर मुद्दा
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पाकिस्तान के पीएम शाहिद खाकान अब्बासी ने कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करता रहेगा।
अब्बासी ने कहा कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान के बीच प्रमुख मुद्दा है और उन्हें विश्वास है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव इसे सुलझाने में मददगार साबित होगा। अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशन्स के एक कार्यक्रम में अब्बासी ने कहा कि उनकी नजर में कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच बुनियादी मुद्दा है।
इसलिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव इस बारे में दोनों की चिंताओं को खत्म करने की दिशा में जबरदस्त कदम साबित होगा। इससे दोनों पड़ोसियों और क्षेत्र में शांति बहाल हो जाएगी। अब्बासी अमेरिकी कांग्रेस की सांसद केरोलिन मेलोनी की ओर से इस बारे में किए गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने आए अब्बासी ने विश्व समुदाय से जम्मू-कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान करने की अपील की।
'हर मंच पर समर्थन करते आए हैं और करते रहेंगे'
अब्बासी ने कहा कि हम कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करते हैं। हम 1948 से हर मंच में जम्मू-कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करते आए हैं और आगे भी इसका समर्थन करते रहेंगे। कश्मीर मुद्दे को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के प्रस्तावों के मुताबिक ही हल करना होगा। इस बारे में कोई दो राय नहीं है।
आपसी मुद्दे सुलझाने ही होंगे
अब्बासी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को अपने अहम मुद्दों पर बात करनी होगी। ये मुद्दे सुलझाने भी होंगे और कश्मीर उनमें सबसे अहम है। पाकिस्तान भारत से सामान्य रिश्ते चाहता है। लेकिन पिछले कुछ समय से भारत ने हमलावर रुख अपना रखा है, जो पाकिस्तान को कतई मंजूर नहीं है।
क्या है कश्मीर पर यूएन की सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पारित प्रस्ताव संख्या 47 जम्मू-कश्मीर की समस्या के समाधान से जुड़ा है। इसमें भारत और पाकिस्तान का पक्ष जानने के बाद कश्मीर में जनमत संग्रह कराने का फैसला किया गया था।