फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   Obama said ou jails are the machines that produces terrorist

'चरमपंथ के लिए हमारी जेल भी दोषी'

Wed, 01 May 2013 05:43 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 01 May 2013 05:43 PM IST
विज्ञापन
Obama said ou jails are the machines that produces terrorist

क्यूबा के ग्वांतानामो बे में मौजूद अमेरिकी जेल में कैदियों की भूख हड़ताल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वो नए सिरे से इस जेल को बंद करवाने की कोशिश करेंगे।

विज्ञापन


ओबामा ने व्हाइट हाउस में कहा कि ग्वांतानामो जेल मूलभूत अमेरिकी सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है और देश के हितों के लिए नुकसानदेह है।

अमेरिकी कांग्रेस ग्वांतानामो जेल को बंद कराने के खिलाफ़ है लेकिन राष्ट्रपति ने कहा है कि वो सांसदों के साथ फिर से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

ओबामा ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों की एक टीम को ग्वांतानामो जेल की गतिविधियों की समीक्षा करने को कहा है।

उन्होंने कहा, “ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी छवि के लिए अच्छा नहीं है और चरमपंथियों के ख़िलाफ लड़ाई में हमारे मित्रों के साथ सहयोग के आड़े आता है। ये चरमपंथियों को तैयार करने की मशीन की तरह है। इसे बंद किए जाने की ज़रूरत है।”
विज्ञापन


समस्या


उन्होंने कहा कि ग्वांतानामो एक ऐसी समस्या है जो लंबी खिंचती जा रही है और अगर इसे बंद नहीं किया गया तो स्थिति और विकट हो जाएगी।

राष्ट्रपति ने कहा, “हमें ये समझने की ज़रूरत है कि अमेरिका को सुरक्षित रखने के लिए ग्वांतानामो की ज़रूरत नहीं है।”

उन्होंने कहा कि इराक में लड़ाई खत्म हो चुकी है और अफ़ग़ानिस्तान की जेल स्थानीय जेल स्थानीय अधिकारियों के हवाले की जा चुकी है। इसलिए ग्वांतानामो की ज़रूरत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्यूबा की इस जेल को 2002 में शुरु किया गया था ताकि 11 सितंबर 2001 के बाद चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चलाई जा रही मुहिम के अभियुक्तों को यहां पर रखा जा सके। इस पर अमेरिकी घरेलू कानून लागू नहीं होते।

अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान ऐसे वक्त आया है जब ग्वांतानामो में मौजूद 166 कैदियों में से 100 से अधिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

हड़ताल

सभी क़ैदी अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में रखे जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ज्यादातर के ख़िलाफ़ कोई आरोप नहीं है, फिर भी उनको जेल में रखा गया है।

भूख हड़ताल कर रहे कैदियों को जबरन खाना खिलाया गया है और जेल में और अधिक मेडिकल स्टाफ़ भेजा गया है।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार संस्था के कमिश्नर नवी पिल्लै ने दोहराया है कि ग्वांतानामो जेल को तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि बिना किसी आरोप से लोगों को लगातार हिरासत में रखना अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है। संस्था ने साथ ही कहा कि लोगों को जबर्दस्ती खिलाना मानवाधिकार का उल्लंघन हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार संस्था के प्रवक्ता रूपर्ट कोलविले ने कहा, “अगर लोगों को उनकी इच्छा के ख़िलाफ़ खिलाया जाता है तो वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन और हमारी दृष्टि में क्रूर और अमानवीय है। अंतरराष्ट्रीय क़ानून इसकी इजाजत नहीं देता है।”


ग्वांतानामो जेल में भूख हड़ताल का सिलसिला फ़रवरी में शुरू हुआ था लेकिन हाल के दिनों में इसमें तेज़ी आई है।

माना जा रहा है कि जेल में क़ैदियों के कमरों की तलाशी के दौरान कुरान की प्रतियों को संभालने में लापरवाही हुई थी। इसके बाद हिंसा भड़क उठी थी। लेकिन ग्वांतानामो जेल के अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं।

लगभग सौ क़ैदियों की रिहाई को मंज़ूरी मिल चुकी है लेकिन उनको अभी रिहा नहीं किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed