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ओबामा की नई विदेश नीति, जानिए क्या है खास?

Thu, 29 May 2014 10:49 AM IST
Updated Thu, 29 May 2014 10:49 AM IST
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Obama's new foreign policy

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नई विदेश नीति की घोषणा की है जिसका आधार सहयोगी देशों के साथ 'सामूहिक कार्रवाई' होगा।

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वेस्ट पॉइंट, न्यूयॉर्क में अमेरिकी सैन्य अकादमी के स्नातकों को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा कि अमेरिका को हमेशा दुनिया में नेतृत्व करना चाहिए लेकिन ये नेतृत्व सिर्फ़ सैन्य कार्रवाई के ज़रिए ही नहीं होना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका को अतीत में हुई 'बड़ी ग़लतियों' से बचना होगा।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन और सहयोग से नतीजे पाए जा सकते हैं और हर मुश्किल का हल सैन्य कार्रवाई नहीं हो सकता।

चरमपंथ से लड़ने के लिए कोष

Obama's new foreign policy

ओबामा ने कहा कि अमेरिकी सुरक्षा को सबसे सीधा ख़तरा आतंकवाद से है और उन्होंने दुनिया में आतंकवाद से लड़ने के लिए पांच अरब डॉलर के कोष का ऐलान भी किया है।

एक कमज़ोर विदेश नीति के लिए आलोचना का शिकार ओबामा ने यूक्रेन और ईरान में हुई प्रगति की सराहना की।

ये रकम जिन अभियानों के लिए इस्तेमाल की जाएगी उनमें यमन में सुरक्षाबलों का प्रशिक्षण, सोमालिया में अंतरराष्ट्रीय शांति सेना की मदद, लीबिया में यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर सुरक्षाबलों के प्रशिक्षण और माली में फ्रांस की मदद शामिल हैं।

सीरिया में चल रहे गृह युद्ध के बारे में ओबामा ने राष्ट्रपति असद के विरोधियों की 'मदद बढ़ाने' की बात कही हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि मदद का स्वरूप क्या होगा।

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अंतरराष्ट्रीय सहमति पर जोर

Obama's new foreign policy

बराक ओबामा ने अपने भाषण में ऐसी अमेरिकी विदेश नीति की है जो अंतरराष्ट्रीय सहमति के आधार पर काम करेगी और जिसमें ज़रूरत पड़ने पर ही सैन्य बल का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसके साथ ही राष्ट्रपति ओबामा की विदेश नीति के कुछ और बिंदुओं पर गौर करें तो आतंकवादी संगठनों को पनाह देने वाले हर देश पर हमला करने वाली नीति टिकाऊ नहीं है।

अमेरिकी सेना की ओर से ड्रोन विमानों का इस्तेमाल जारी रहेगा लेकिन इसमें पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी। ग्वांतानमो में अमेरिकी सैन्य जेल बंद करने के लिए कोशिशें जारी रहेंगी।

अमेरिका को विकास और शिक्षा पर ज़ोर देना जारी रखना चाहिए क्योंकि अमेरिका की ओर से ''किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई बोको हराम जैसे चरमपंथी गुट के ख़तरे को मिटा नहीं सकती। नाइजीरिया में इस्लामी गुट बोको हराम की ओर से अगवा की गई स्कूली छात्राओं को खोजने के लिए एक अभियान में पिछले सप्ताह अमेरिका ने 80 सैनिक भेजे थे।

अगले दस दिन अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी विदेश नीति के बारे में कई भाषण देंगे जिसका मक़सद उन आलोचकों को जवाब देना है जो मौजूदा अमेरिकी विदेश नीति को कमज़ोर बताते हैं।

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