फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   obama's friendship with cuba

ओबामा ने खत्म की पचास साल पुरानी दुश्मनी

Thu, 18 Dec 2014 03:01 PM IST
Updated Thu, 18 Dec 2014 03:01 PM IST
विज्ञापन
obama's friendship with cuba

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने क्यूबा के साथ रिश्तों के एक 'नए अध्याय' की शुरुआत की है। एक साल पहले नेल्सन मंडेला के निधन के बाद एक समारोह में राष्ट्रपति ओबामा ने क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो से हाथ मिलाकर एक कूटनीतिक सुगबुगाहट पैदा की थी। मंगलवार को उन्होंने कास्त्रो के साथ 45 मिनट फ़ोन पर बात की और अगले दिन दोनों देशों के रिश्तों में एक नई शुरुआत का एलान कर दिया।

विज्ञापन


50 साल से भी ज़्यादा से चली आ रही दुश्मनी को खत्म करने के लिए उन्होंने क्यूबा की जनता के साथ एक नया रिश्ता जोड़ने की बात की।

उन्होंने कहा कि बरसों से चली आ रही पुरानी सोच को वो बदल देंगे क्योंकि उससे अमरीका को फ़ायदा नहीं हुआ है और इस कदम से वो अमरीका और क्यूबा दोनों ही के लोगों के लिए नए मौके पैदा करेंगे।

विज्ञापन

कुछ मतभेद अभी बाकी

obama's friendship with cuba

जहां वाशिंगटन में ओबामा ने ये बयान दिया वहीं हवाना में राउल कास्त्रो ने भी राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देश कूटनीतिक संबंध बहाल करने पर राज़ी हो गए हैं।

कास्त्रो का ये भी कहना था कि इसका ये मतलब नहीं है कि सभी मतभेद खत्म हो चुके हैं। उनका कहना था कि क्यूबा पर जो आर्थिक पाबंदियां लगी हुई हैं उन्हें ख़त्म करने की ज़रूरत है।

ओबामा ने अपने एलान में व्यापार और पर्यटन में बढ़ोतरी की बात की है, दूतावास खोलने की बात की है और क्यूबा से आयात में भी कुछ नरमी का एलान किया है। कहा जा रहा है कि दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने के लिए एक साल से कोशिशें चल रही थीं।

बुधवार को क्यूबा की जेल में बंद अमरीकी नागरिक ऐलन ग्रॉस की रिहाई और उसके बदले अमरीकी जेल में जासूसी के आरोप में बंद तीन क्यूबन नागरिकों की रिहाई ने इसका रास्ता खोल दिया।

ओबामा का पहला बोल्ड कदम और आलोचना

obama's friendship with cuba

जहां बहुत लोगों ने इसे ओबामा की विदेश नीति का पहला बोल्ड कदम करार देते हुए इसकी तारीफ़ की है वहीं कांग्रेस में कई रिपब्लिकंस और कुछ डेमौक्रैट भी इस फ़ैसले की सख़्त आलोचना कर रहे हैं।

क्यूबन मूल के अमरीकी नागरिक और सेनेटर मार्को रूबियो ने इसे ओबामा की विदेश नीति में सबसे नासमझी वाला फ़ैसला करार दिया।

मार्को रूबियो का कहना था कि इस फ़ैसले से क्यूबा की फ़ौज और लोगों को दबा कर रखनेवाली हुकूमत के हाथ मज़बूत होंगे और उनकी आर्थिक ताक़त बढ़ेगी।

जहां ओबामा ने दोनों देशों के रिश्तों को बहाल करने के लिए अपने राष्ट्रपति पद के विशेषाधिकारों का इस्तेमाल किया है वहीं क्यूबा पर लगी आर्थिक पाबंदियां बिना कांग्रेस की मंज़ूरी के नई हटाई जा सकतीं।

दोनों देशो के रिश्तों में आर्थिक पाबंदियों को सबसे बड़ी रूकावट माना जा रहा है और विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले पर कांग्रेस को मनाना ओबामा के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed