लंबी दूरी के मिसाइल अड्डे को विस्तार दे रहा उत्तर कोरिया, उपग्रह से मिलीं तस्वीरें
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उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सिंगापुर में हुई शिखर वार्ता के दौरान मिसाइल कार्यक्रमों पर रोक लगाने के संकल्प के बावजूद उत्तर कोरिया लगातार इस पर काम कर रहा है। इस पर अमेरिकी एजेंसी के चेताने पर भी ट्रंप फिलहाल किम जोंग पर भरोसा जताते रहे हैं। इस बीच सीएनएन ने भी उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों के आधार पर बड़ा खुलासा किया है कि प्योंगयांग अपने एक अहम मिसाइल अड्डे का विस्तार कर रहा है।
सीएनएन के मुताबिक उत्तर कोरिया ने पर्वतीय क्षेत्र रीयोंग्जेओ-डोंग में लंबी दूरी के इस मिसाइल अड्डे का विस्तार किया है। उसने एक अन्य अड्डे का भी निर्माण किया है जो पहले कभी भी सार्वजनिक रूप से पहचान में नहीं आया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा कि हम उत्तर कोरिया पर करीब से निगाह रखे हैं लेकिन खुफिया जानकारी के बारे में चर्चा नहीं कर सकते हैं।
यह सब उन हालातों में हो रहा है जबकि किम जोंग-उन अपनी सिंगापुर शिखर वार्ता में कोरियाई प्रायद्वीप के निरस्त्रीकरण पर सहमत हो चुके हैं। हालांकि इसे कैसे करना है इस पर कोई विवरण नहीं दिया गया था। विशेषज्ञों ने अमेरिकी न्यूज नेटवर्क को बताया कि मिसाइल अड्डे की लोकेशन उत्तर कोरिया की नई लंबी दूरी की मिसाइलों के लिए बिलकुल सटीक है। इनमें परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम मिसाइलें भी शामिल हैं।
ट्रंप के रवैये में विरोधाभास
उपग्रह चित्रों के आधार पर उत्तर कोरिया का जो व्यवहार देखा जा रहा है उसके संबंध में ट्रंप का रवैया विरोधाभासी दिखाई पड़ता है। गत शनिवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने 2019 की शुरूआत में किम के साथ दूसरी बैठक की उम्मीद जताई और दूसरी तरफ अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टन ने मंगलवार को कहा कि ट्रंप का मानना है कि उत्तर कोरियाई नेता सिंगापुर वार्ता में किए वादों को पूरा नहीं कर रहे हैं।
किम ने खारिज की एकपक्षीय कार्रवाई
अमेरिकी अधिकारी उत्तर कोरिया पर लगे सख्त प्रतिबंधों को हटाने से पहले कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण पर जो दे रहे हैं। हालांकि उत्तर कोरिया ने इस मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि यह पूरी तरह से एकपक्षीय कार्रवाई होगी, जबकि दोनों पक्षों को धीरे-धीरे सकारात्मक कदम उठाने होंगे।