फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   North direction of earth is changing with displacement of north magnetic pole

खिसक रहा है धरती का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव, बदल रही है पृथ्वी की उत्तरी दिशा

Tue, 05 Feb 2019 11:44 PM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Gaurav Pandey Updated Tue, 05 Feb 2019 11:44 PM IST
विज्ञापन
North direction of earth is changing with displacement of north magnetic pole

शायद, आपको यकीन न हो लेकिन यह सच है कि कंपास पर आधारित धरती की उत्तरी दिशा अब अपनी जगह से खिसक रही है। वैज्ञानिकों द्वारा साझा की गई ताजा जानकारी के मुताबिक, ऐसा पृथ्वी के चुंबकीय उत्तरी ध्रुव के हर साल करीब 55 किलोमीटर खिसकने से हो रहा है।

विज्ञापन


वैज्ञानिकों की मानें तो बीते कुछ दशकों में यह इतना तेज बदलाव है कि इसकी वजह से पूर्व में लगाए गए अनुमान अब नौवहन के लिए सटीक नहीं रहे हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों ने सोमवार को एक अपडेट जारी किया। इसमें बताया गया है कि वास्तविक उत्तर असल में कहां था। 
विज्ञापन


यह अपडेट निर्धारित तिथि से करीब एक साल पहले जारी किया गया। वास्तव में चुंबकीय उत्तरी ध्रुव साल 2017 में ही अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा (आईडीएल) को पार कर चुका था। फिलहाल, यह साइबेरिया की ओर बढ़ते हुए कनाडाई आर्कटिक से आगे बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वास्तव में सेनाएं पैराशूट उतारने और नौवहन के लिए चुंबकीय उत्तर ध्रुव पर निर्भर रहती हैं। यहां तक कि नासा, संघीय विमानन प्रशासन एवं अमेरिकी वन सेवा भी उत्तरी ध्रुव की मदद से ही दिशा निर्धारण का काम करती है। 

यही नहीं हवाईअड्डे के रनवे के नाम भी चुंबकीय उत्तर की ओर उनकी दिशा पर आधारित होते हैं। ध्रुवों के घूमने पर उनके नाम भी बदल जाते हैं। उदाहरण के तौर पर फेयरबैंक्स एवं अलास्का एयरपोर्ट का नाम 2009 में क्रमश: 1एल-19आर और 2एल20आर था।

इलेक्ट्रॉनिक्स के कंपासों में भी आ रही समस्या

कोलाराडो यूनिवर्सिटी के भूभौतिकीविद अर्नोड चुलियट ने बताया कि चुंबकीय उत्तरी ध्रुव के लगातार बदलने की वजह से स्मार्टफोन कंपासों के साथ साथ कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के कंपासों में भी समस्या आ रही है। वैज्ञानिक चुलियट नए वर्ल्ड मैगनेटिक मॉडल के प्रमुख शोधकर्ता भी हैं। बता दें कि विमान, पोत एवं नौकाएं भी नौवहन में चुंबकीय उत्तर पर ही निर्भर रहती हैं।

धरती के बाहरी कोर में हलचल से पैदा हो रही समस्या

मेरीलैंड यूनिवर्सिटी के भूभौतिकीविद डेनियल लेथ्रोप ने बताया कि चुंबकीय उत्तरी ध्रुव के खिसकने की समस्या धरती के बाहरी कोर में हलचल के कारण आ रही है। बता दें कि धरती के कोर में लोहे एवं निकिल का गर्म तरल महासागर है जहां हलचल होने से ही विद्युतीय क्षेत्र पैदा होता है।  

जीपीएस नहीं हुआ प्रभावित 

वैज्ञानिकों के मुताबिक, गनीमत यह है कि उक्त गतिविधियों से जीपीएस प्रभावित नहीं हुआ है क्योंकि उपग्रह पर निर्भर है। साथ ही राहत की बात यह भी है कि चुंबकीय उत्तरी ध्रुव के मुकाबले चुंबकीय दक्षिणी ध्रुव बहुत धीमी गति से खिसक रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed