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राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई ख़तरा नहीं: ओबामा
Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमरीकी खुफ़िया एजेंसी सीआईए के पूर्व प्रमुख जनरल डेविड पेट्रियस के प्रेम संबंधों के कारण अमरीका की सुरक्षा को कोई ख़तरा नहीं पैदा हुआ है।
अपनी चुनावी जीत के बाद बुधवार को व्हाईट हाउस में पहली प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने कहा, "मेरे पास अभी कोई ऐसा सबूत नहीं है, जो कुछ मैंने देखा है उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि इस मामले में कोई खुफ़िया राज़ नहीं खोला गया है और राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई नुक़सान नहीं हुआ है।"
इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि इस मामले में उनको देर से ख़बर दिए जाने के लिए क्या वह एफ़बीआई के ख़िलाफ़ कोई जांच शुरू करेंगे तो ओबामा ने कहा कि वह जांच में कोई बाधा नहीं डालना चाहते इसलिए अभी इस मामले में कोई क़दम नहीं उठा रहे हैं।
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उन्होंने कहा,"मैंने अभी कोई फ़ैसला नहीं किया है। क्यूंकि अभी भी मामले में जांच जारी है और सारी जानकारी हमारे पास नहीं है। एफ़बीआई का काम करने का अपना क़ानूनी तरीक़ा है और वह जांच कर रहे हैं। बेहतर है कि हम इंतज़ार कर लें।"
लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 'स्कैंडल' का सामना कर रहे पूर्व सीआईए प्रमुख डेविड पेट्रियस की जमकर तारीफ़ की।
ओबामा ने कहा, "जनरल पेट्रियस का एक बेहतरीन करियर रहा है। उन्होंने इराक़, अफ़ग़निस्तान में और सीआईए के प्रमुख के तौर पर बहुत ही अच्छे तरीक़े से देश की सेवा की है।"
डेविड पेट्रियस ने आठ नवंबर को सीआईए के प्रमुख के पद से तब इस्तीफ़ा दे दिया था जब कई महीनों से उनके ख़िलाफ़ अपनी एक महिला मित्र पोला ब्रोडवैल के साथ ग़ैर-विवाहित शारीरिक संबंधों के सिलसिले में एफ़बीआई द्वारा जांच चल रही थी।
एफ़बीआई ने अमरीकी एटर्नी जनरल एरिक होल्डर को इस मामले के बारे में जुलाई में ही ख़बर कर दी थी। लेकिन राष्ट्रपति बराक ओबामा को इसके बारे में सात नवंबर को ही सूचित किया गया।
इसलिए यह सवाल उठ रहे हैं कि देश के राष्ट्रपति को सीआईए प्रमुख के ख़िलाफ़ जारी जांच के बारे में पहले क्यूं नहीं बताया गया।
अमीरों को राहत नहीं
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ख़र्चों में कटौती और अमीरों पर अधिक कर लगाने के बारे में अपना रूख़ साफ़ किया।
बराक ओबामा ने फिर दोहराया कि मध्यम वर्ग पर टैक्स नहीं बढ़ाए जा सकते।
ओबामा ने अमीरों पर और टैक्स बढ़ाने के बारे में कहा, "इसमें किसी को अचरज नहीं होना चाहिए कि मैं अमीरों पर टैक्स बढ़ाना चाहता हूं। अमीरों पर अगर थोड़ा सा टैक्स बढ़ जाएगा तो उनको ज़्यादा तकलीफ़ नहीं होगी, वह फिर भी अमीर ही रहेंगे। मैं मध्यम वर्ग को टैक्स छूट देना चाहता हूं। लेकिन मैं इस मुद्दे पर बेहतर विचार सुनने के लिए तैयार हूं।"
और इसके लिए उन्होंने चुनाव में पराजित होने वाले रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी की भी सलाह लेने की बात कही।
बराक ओबामा ने कहा, "मैं रोमनी से भी मुलाक़ात करूंगा। अभी तो चुनाव ख़त्म ही हुए हैं और मैं समझता हूं अभी मिट रोमनी भी अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते होंगे। मैं अर्थव्यवस्था को बेहतर करने और बेरोज़गारी के बारे में उनके विचारों को सुनना चाहूंगा।"
उनका कहना था कि वह अमरीकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में बहुमत रखने वाली रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों के साथ भी मिलकर काम करना चाहते हैं। उनका कहना था कि वह सारे अमरीकियों की मुश्किलों को मिलकर दूर करना चाहते हैं।
इसके अलावा आप्रवासन के मामले में भी उन्होंने क़ानून में सुधार किए जाने संबंधी वादों को दोहराया।
ईरान
अंतरराष्ट्रीय मामलों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सीरिया में हिंसा के मुद्दों पर बराक ओबामा ने अपना रूख़ दोहराया।
ओबामा ने ईरान को फिर चेतावनी दी कि उसे परमाणु बम नहीं बनाने दिया जाएगा।
ओबामा का कहना था, "मैं ईरान को परमाणु बम हासिल नहीं करने दूंगा। मैं इस मामले में पहले कूटनीतिक तरीक़े अपनाना चाहता हूं। और हमने देखा है कि आर्थिक प्रतिबंधों का असर पड़ रहा है।"
सीरिया के मामले में ओबामा ने सीरियाई विपक्ष के संगठित होने पर ज़ोर दिया और कहा कि सीरिया में सत्ता परिवर्तन का आहवान करने वाले वह सबसे पहले विश्व नेता थे।
लेकिन ओबामा ने यह भी कहा कि अमरीका नहीं चाहता कि चरंपंथियों को सीरिया में अमरीकी हथयार दिए जाएं जो बाद में अमरीका के लिए ख़तरा बनें।
जलवायु परिवर्तन के बारे में बराक ओबामा ने कहा कि वह मानते हैं कि 'इसका पूरे विश्व पर असर पड़ रहा है, और आने वाली नस्लों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। इसलिए इसके लिए कुछ किया जाना ज़रूरी है।'
लेकिन उन्होंने कहा कि विकास को साथ लेकर पर्यावरण का ख़्याल रखा जाए तो बेहतर है।
इस सिलसिले में बराक ओबामा ने कहा कि वह वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों के साथ बैठक करेंगे और पता लगाएंगे कि क्या किया जा सकता है जिससे हालात और ख़राब न हों।
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अपनी चुनावी जीत के बाद बुधवार को व्हाईट हाउस में पहली प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने कहा, "मेरे पास अभी कोई ऐसा सबूत नहीं है, जो कुछ मैंने देखा है उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि इस मामले में कोई खुफ़िया राज़ नहीं खोला गया है और राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई नुक़सान नहीं हुआ है।"
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इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि इस मामले में उनको देर से ख़बर दिए जाने के लिए क्या वह एफ़बीआई के ख़िलाफ़ कोई जांच शुरू करेंगे तो ओबामा ने कहा कि वह जांच में कोई बाधा नहीं डालना चाहते इसलिए अभी इस मामले में कोई क़दम नहीं उठा रहे हैं।
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उन्होंने कहा,"मैंने अभी कोई फ़ैसला नहीं किया है। क्यूंकि अभी भी मामले में जांच जारी है और सारी जानकारी हमारे पास नहीं है। एफ़बीआई का काम करने का अपना क़ानूनी तरीक़ा है और वह जांच कर रहे हैं। बेहतर है कि हम इंतज़ार कर लें।"
लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 'स्कैंडल' का सामना कर रहे पूर्व सीआईए प्रमुख डेविड पेट्रियस की जमकर तारीफ़ की।
ओबामा ने कहा, "जनरल पेट्रियस का एक बेहतरीन करियर रहा है। उन्होंने इराक़, अफ़ग़निस्तान में और सीआईए के प्रमुख के तौर पर बहुत ही अच्छे तरीक़े से देश की सेवा की है।"
डेविड पेट्रियस ने आठ नवंबर को सीआईए के प्रमुख के पद से तब इस्तीफ़ा दे दिया था जब कई महीनों से उनके ख़िलाफ़ अपनी एक महिला मित्र पोला ब्रोडवैल के साथ ग़ैर-विवाहित शारीरिक संबंधों के सिलसिले में एफ़बीआई द्वारा जांच चल रही थी।
एफ़बीआई ने अमरीकी एटर्नी जनरल एरिक होल्डर को इस मामले के बारे में जुलाई में ही ख़बर कर दी थी। लेकिन राष्ट्रपति बराक ओबामा को इसके बारे में सात नवंबर को ही सूचित किया गया।
इसलिए यह सवाल उठ रहे हैं कि देश के राष्ट्रपति को सीआईए प्रमुख के ख़िलाफ़ जारी जांच के बारे में पहले क्यूं नहीं बताया गया।
अमीरों को राहत नहीं
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ख़र्चों में कटौती और अमीरों पर अधिक कर लगाने के बारे में अपना रूख़ साफ़ किया।
बराक ओबामा ने फिर दोहराया कि मध्यम वर्ग पर टैक्स नहीं बढ़ाए जा सकते।
ओबामा ने अमीरों पर और टैक्स बढ़ाने के बारे में कहा, "इसमें किसी को अचरज नहीं होना चाहिए कि मैं अमीरों पर टैक्स बढ़ाना चाहता हूं। अमीरों पर अगर थोड़ा सा टैक्स बढ़ जाएगा तो उनको ज़्यादा तकलीफ़ नहीं होगी, वह फिर भी अमीर ही रहेंगे। मैं मध्यम वर्ग को टैक्स छूट देना चाहता हूं। लेकिन मैं इस मुद्दे पर बेहतर विचार सुनने के लिए तैयार हूं।"
और इसके लिए उन्होंने चुनाव में पराजित होने वाले रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी की भी सलाह लेने की बात कही।
बराक ओबामा ने कहा, "मैं रोमनी से भी मुलाक़ात करूंगा। अभी तो चुनाव ख़त्म ही हुए हैं और मैं समझता हूं अभी मिट रोमनी भी अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते होंगे। मैं अर्थव्यवस्था को बेहतर करने और बेरोज़गारी के बारे में उनके विचारों को सुनना चाहूंगा।"
उनका कहना था कि वह अमरीकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में बहुमत रखने वाली रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों के साथ भी मिलकर काम करना चाहते हैं। उनका कहना था कि वह सारे अमरीकियों की मुश्किलों को मिलकर दूर करना चाहते हैं।
इसके अलावा आप्रवासन के मामले में भी उन्होंने क़ानून में सुधार किए जाने संबंधी वादों को दोहराया।
ईरान
अंतरराष्ट्रीय मामलों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सीरिया में हिंसा के मुद्दों पर बराक ओबामा ने अपना रूख़ दोहराया।
ओबामा ने ईरान को फिर चेतावनी दी कि उसे परमाणु बम नहीं बनाने दिया जाएगा।
ओबामा का कहना था, "मैं ईरान को परमाणु बम हासिल नहीं करने दूंगा। मैं इस मामले में पहले कूटनीतिक तरीक़े अपनाना चाहता हूं। और हमने देखा है कि आर्थिक प्रतिबंधों का असर पड़ रहा है।"
सीरिया के मामले में ओबामा ने सीरियाई विपक्ष के संगठित होने पर ज़ोर दिया और कहा कि सीरिया में सत्ता परिवर्तन का आहवान करने वाले वह सबसे पहले विश्व नेता थे।
लेकिन ओबामा ने यह भी कहा कि अमरीका नहीं चाहता कि चरंपंथियों को सीरिया में अमरीकी हथयार दिए जाएं जो बाद में अमरीका के लिए ख़तरा बनें।
जलवायु परिवर्तन के बारे में बराक ओबामा ने कहा कि वह मानते हैं कि 'इसका पूरे विश्व पर असर पड़ रहा है, और आने वाली नस्लों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। इसलिए इसके लिए कुछ किया जाना ज़रूरी है।'
लेकिन उन्होंने कहा कि विकास को साथ लेकर पर्यावरण का ख़्याल रखा जाए तो बेहतर है।
इस सिलसिले में बराक ओबामा ने कहा कि वह वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों के साथ बैठक करेंगे और पता लगाएंगे कि क्या किया जा सकता है जिससे हालात और ख़राब न हों।