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नए पोप को लेकर उत्सुक हैं ओबामा
Updated Thu, 14 Mar 2013 06:11 PM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वो नए पोप फ्रांसिस के साथ मिल कर शांति, सुरक्षा और मानवीय गरिमा को बढ़ाने के लिए काम करेंगे।
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वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने नए पोप से अपील की है कि वो दुनिया के विभिन्न धर्मों के बीच संबंधों को सुधारने के लिए काम करें।
मंगलवार की शाम वेटिकन में सिस्टीन चैपल की चिमनी से सफेद धुआं निकला और अर्जेंटीना के कार्डिनल योर्ग मारियो बोरगोलियो को रोमन कैथोलिक चर्च का 266वां चर्च चुना गया।
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वो पहले पोप हैं जिनका संबंध लातिन अमेरिकी क्षेत्र से है।
ओबामा का संदेश
नए पोप फ्रांसिस के चुने जाने पर न सिर्फ कैथोलिक ईसाइयों में हर्षोल्लास का माहौल है बल्कि कई विश्व नेताओं की भी प्रतिक्रियाएं आई हैं।
अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स कैथेड्रल में लोगों को जब पोप फ्रांसिस के चुने के बारे में पता चला तो उनमें खुशी की लहर दौड़ गई।
कारों में सवार लोगों ने हॉर्न बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया तो चर्चों में पहले लातिन अमेरिकी पोप के लिए प्रार्थना करने वाले बड़ी संख्या में उमड़ने लगे।
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अर्जेंटीना की राष्ट्रपति क्रिस्टीना फर्नांदेज दे किर्शनर ने पोप फ्रांसिस की सफलता की कामना की है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि पोप फ्रांसिस का चुना जाना पूरे अमेरिकी क्षेत्र के लिए अहम है।
दुनिया के लगभग 40 फीसदी कैथोलिक ईसाई उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में बसते हैं। राष्ट्रपति ओबामा ने ट्वीट किया है, “मैं हिज होलीनेस के साथ मिल कर शांति, सुरक्षा और इंसानों की गरिमा को बढ़ावा देने के लिए काम करने को उत्सुक हूं।”
संवाद पर जोर
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने पोप फ्रांसिस से अपील की है कि वे धर्मों के बीच संबंध सुधारने की कोशिशों को मजबूत करें।
एक बयान में नए पोप को चुने जाने का स्वागत करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि पोप फ्रांसिस पोप बेनेडिक्ट सोलहवें की विरासत को आगे बढ़ाते हुए धर्मों के बीच संवाद को प्रोत्सहान देंगे।
इस मुद्दे पर आम लोग भी सोशल मीडिया पर खूब प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
अफ्रीकी देश घाना से लिंडा का कहना है, “मैं कैथोलिक नहीं हूं लेकिन अपने काम के बाद भी रुकी हुई थी ताकि ये जान सकूं कि नए पोप कौन हैं। मैं ईसाई हूं और मानती हूं कि इस पद पर जो भी आए वो ईसाई धर्म के मूल्यों को और ऊंचा ले जाए- फिर चाहे वो किसी भी देश के हों।”
विक्टोरिया ने अपने संदेश में लिखा है कि वो पोप नए चुने जाने पर बहुत खुश हैं। सेंट पीटर्स पर इतनी बड़ी संख्या में लोग आए जो दिखाता है कि कैथोलिक चर्च मजबूती से आगे बढ़ रहा है।