US ने फिर बदले सुर, कहा- आतंक के खिलाफ युद्ध में पाक का साथ देना जरूरी
सूफी दरगाह में आईएस के आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से आतंकियों के खिलाफ शुरू की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई का अमेरिका ने पुरजोर समर्थन किया है। उसने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान का समर्थन करने में उसका दीर्घकालिक हित है।
वहीं, दरगाह हमले की साजिश अफगानिस्तान में रचने की बात सामने आने के बाद पाक सेना ने अफगानिस्तान-पाक सीमा पर हमलाकर के आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर दिया। पाक सेना के हमले में जमात-उल-अहरार के डिप्टी कमांडर आदिल बाचा के भी मारे जाने की खबर है।
साथ ही पाक ने अफगानिस्तान से 76 मोस्टवांटेड आतंकियों को सौंपने को कहा है। इससे दोनों देशों के बीच तनातनी फिर से बढ़ गई है।
पाक की कोशिशों का समर्थन करने में अमेरिका का दीर्घकालिक हित
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर आतंकियों के ठिकाने पाक सेना की ओर से हमला करने के सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारा मानना है कि स्थिर, उदार एवं लोकतांत्रिक समाज बनाने और आतंकवाद से निपटने की पाक की कोशिशों का समर्थन करने में अमेरिका का दीर्घकालिक हित है।’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद और हिंसक कट्टरपंथ का सबसे ज्यादा शिकार है। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान की जनता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले लोगों के साथ मजबूती के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा, ‘हम पाकिस्तानी सेना और जनता की ओर से आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने के साथ ही पूरे देश में सरकार के नियंत्रण का समर्थन करते हैं।’