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मंगल की धरती पर अमेरिका वो काम करने जा रहा है जो अब तक कोई भी नहीं कर पाया
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, टैम्पा, फ्लोरिडा
Updated Sat, 12 May 2018 08:37 PM IST
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NASA
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने मंगल ग्रह से जुड़ी परियोजना में एक और कामयाबी जोड़ने का फैसला किया है। नासा ने शनिवार को कहा कि उसने 2020 तक लाल ग्रह के लिए अपना पहला हेलीकाप्टर लांच करने की योजना बनाई है। यह हेलीकाप्टर छोटा और मानव रहित ड्रोन जैसा होगा जो मंगल के बारे में हमारी समझ को और बढ़ा सकता है।
नासा ने इसे मंगल हेलीकाप्टर का नाम दिया जिसका वजन चार पाउंड (1.8 किलोग्राम) से कम होगा। इसका ढांचा या फ्यूजलेट साफ्टबॉल के आकार का होगा। नासा के मुताबिक इसके ब्लेड करीब 3000 आरपीएम की गति से घूम सकेंगे जो धरती पर मौजूद हेलीकाप्टरों की तुलना में करीब 10 गुना तेज हैं।
नासा के प्रशासक जिम ब्रिडेनस्टीन ने बताया कि इसके पहिए जैसे रोबोट का मकसद पर्यावरण और प्राचीन संकेतों की खोज करना तथा भविष्य के मानव मिशन के लिए खतरों का आकलन करना है। जिम के मुताबिक किसी अन्य ग्रह के आसमान पर धरती से गए हेलीकॉप्टर के उड़ने का विचार ही रोमांचकारी है। किसी भी देश ने लाल ग्रह पर हेलीकाप्टर उड़ाने का कारनामा नहीं दिखाया है।
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गाड़ी के आकार के यान के साथ छोड़ा जाएगा हेलीकाप्टर
अधिकारी के मुताबिक यह हेलीकाप्टर मंगल ग्रह तक एक गाड़ी के आकार के यान के साथ जाएगा। हेलीकाप्टर को सतह पर छोड़ने के बाद यह यान एक निश्चित दूरी से उसे निर्देश देता रहेगा। इसे बैटरियों के चार्ज होने और परीक्षण पूरा हो जाने के बाद 2020 में लांच किया जाएगा जिसके 2021 तक स्थापित होने की उम्मीद है।
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नासा ने इसे मंगल हेलीकाप्टर का नाम दिया जिसका वजन चार पाउंड (1.8 किलोग्राम) से कम होगा। इसका ढांचा या फ्यूजलेट साफ्टबॉल के आकार का होगा। नासा के मुताबिक इसके ब्लेड करीब 3000 आरपीएम की गति से घूम सकेंगे जो धरती पर मौजूद हेलीकाप्टरों की तुलना में करीब 10 गुना तेज हैं।
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नासा के प्रशासक जिम ब्रिडेनस्टीन ने बताया कि इसके पहिए जैसे रोबोट का मकसद पर्यावरण और प्राचीन संकेतों की खोज करना तथा भविष्य के मानव मिशन के लिए खतरों का आकलन करना है। जिम के मुताबिक किसी अन्य ग्रह के आसमान पर धरती से गए हेलीकॉप्टर के उड़ने का विचार ही रोमांचकारी है। किसी भी देश ने लाल ग्रह पर हेलीकाप्टर उड़ाने का कारनामा नहीं दिखाया है।
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गाड़ी के आकार के यान के साथ छोड़ा जाएगा हेलीकाप्टर
अधिकारी के मुताबिक यह हेलीकाप्टर मंगल ग्रह तक एक गाड़ी के आकार के यान के साथ जाएगा। हेलीकाप्टर को सतह पर छोड़ने के बाद यह यान एक निश्चित दूरी से उसे निर्देश देता रहेगा। इसे बैटरियों के चार्ज होने और परीक्षण पूरा हो जाने के बाद 2020 में लांच किया जाएगा जिसके 2021 तक स्थापित होने की उम्मीद है।