मूर्ति बन सकते हैं अमेरिका के डॉक्टर 'नंबर वन'
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अमेरिका में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सर्वोच्च पद के लिए विवेक मूर्ति का नाम मनोनीत किया गया है। अमेरिका में पहली बार कोई भारतीय डॉक्टर इस ऊंचाई तक पहुंचा है।
अमेरिका में स्वास्थ्य सेवाओं के सर्वोच्च पद के लिए राष्ट्रपति ओबामा की ओर से मनोनीत किए गए डॉक्टर विवेक मूर्ति इस नियुक्ति की मंजूरी के लिए सिनेट के सामने पेश हुए हैं।
अगर उनकी नियुक्ति को अमेरिकी सिनेट की मंजूरी मिल जाती है तो 36 साल के विवेक मूर्ति अमरीकी इतिहास के सबसे कम उम्र के सर्जन जनरल बन जाएंगे।
भारतीय मूल के विवेक मूर्ति
भारतीय मूल के विवेक मूर्ति ने अपनी नियुक्ति की मंजूरी के लिए किए गए सवाल-जवाब के दौरान बताया कि उनके दादा कर्नाटक के एक गरीब किसान थे।
शायद उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनका पोता इतनी ऊंचाई तक पहुंच सकता है।
विवेक मूर्ति राष्ट्रपति ओबामा के स्वास्थ्य कार्यक्रम ओबामा केयर के बडे समर्थक रहे हैं और रिपब्लिकन पार्टी के कई सदस्य उन्हें डॉक्टर से ज्यादा एक राजनीतिक उम्मीदवार की तरह पेश कर रहे हैं।
विचारधारा
सिनेट में मूर्ति को रिपब्लिकन सदस्यों के काफी तीखे सवालों और टिप्पणियों का सामना करना पडा।
रिपब्लिकन सिनेटर लैमर अलेक्जैंडर का कहना था, “मेरी सबसे पहली चिंता है कि मेरी नजरों में आपकी काबिलियत मूल रूप से राजनीतिक है।”
बंदूक कानून और गर्भ निरोधकों पर उनके बयानों को भी रिपब्लिकन पार्टी ने पसंद नहीं किया है क्योंकि उनकी विचारधारा डेमोक्रैट विचारधारा से मेल खाती है।
बधाई
इन तीखे सवालों के बावजूद डेमोक्रैट सदस्यों के साथ-साथ ज्यादातर रिपब्लिकन सदस्य भी इस पेशी के बाद उन्हें बधाई देते नजर आए।
डॉ मूर्ति इंग्लैंड में पैदा हुए और उन्होंने मेडिकल की पढाई हार्वर्ड और येल विश्वविद्यालय में की है। डॉक्टरी की पढाई के बाद उन्होंने भारत में भी एड्स और महिलओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए काम किया।
माना जा रहा है कि उनके राजनीतिक झुकाव के बावजूद उनकी नियुक्ति को सिनेट की मंजूरी मिल जानी चाहिए क्योंकि वहां डेमोक्रैट्स बहुमत में हैं।