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ट्रंप की तानाशाही के खिलाफ एकत्रित हुआ मीडिया, राष्ट्रपति के खिलाफ 343 अखबारों ने लिखा संपादकीय
Fri, 17 Aug 2018 12:26 PM IST
Vikas Shekhawat
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Vikas Shekhawat
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:26 PM IST
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Donald Trump
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाहे-बगाहे मीडिया के खिलाफ बोलते रहे हैं, कभी 'फेक न्यूज' कहा है तो कभी 'ब्लैकमेलर' हद तो तब हो गई जब उन्होंने मीडिया को 'जनता का दुश्मन' कह दिया। लगातार मीडिया पर आग उगलने वाले राष्ट्रपति के खिलाफ अब अमेरिकी मीडिया साथ-साथ है। इसी कड़ी में गुरुवार को अमेरिका के 343 अखबारों ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एकसाथ संपादकीय लिखा।
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यही नहीं बॉस्टन ग्लोब अखबार ने तो राष्ट्रपति के खिलाफ कैंपेन शुरू किया जबकि न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में एक बार भी डोनाल्ड ट्रम्प का नाम तक नहीं लिया। उनके लिए या तो मिस्टर प्रेसिडेंट लिखा या 'वे' कहकर संबोधित किया। अखबार ने लिखा- व्हाइट हाउस का महत्व इससे कम तो कभी नहीं हुआ। वे (ट्रम्प) लोकतंत्र की रगों में बहने वाले खून के लिए भी खतरनाक हैं।
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राष्ट्रपति ट्रम्प अक्सर ही मीडिया के खिलाफ आग उगलते रहते हैं, उन्होंने कई बार मीडिया के लिए 'फेक मीडिया' शब्द का इस्तेमाल भी किया है। हद तो तब हो गई जब ट्रंप ने कुछ दिन पहले अपने पुराने बयानों से दो कदम आगे बढ़ते हुए मीडिया को जनता का दुश्मन कह दिया। ट्रम्प के बयानों का ही असर था कि जब हालिया सर्वे में अमेरिका के 51 फीसदी लोगों ने भी मीडिया को जनता का दुश्मन कह दिया।
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मीडिया ने ट्रंप के खिलाफ खोली मुहिम, पहले चेताया अब साथ आए
ट्रंप के अक्सर मीडिया के खिलाफ आने वाले बयानों पर न्यूयॉर्क टाइम्स ने कई बार उन्हें चेताया भी है। लेकिन जब देश की जनता भी मीडिया को दुश्मन मानने लगी तब पूरे देश के मीडिया ने आपत्ति ली और राष्ट्रपति के नफरत भरे बयानों के खिलाफ एक साथ संपादकीय लिखने का फैसला किया।
पूरे कैंपेन की शुरुआत बॉस्टन ग्लोब नाम के अखबार ने की। शुरू में 100 अखबार इसके साथ आए और संपादकीय लिखने के लिए 16 अगस्त की तारीख तय की गई। लेकिन 16 तारीख आते-आते 343 अखबार इस मुहिम से जुड़ गए। ये 343 अखबार मिलकर संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के पूरे 50 राज्यों को कवर करते हैं।
अखबारों ने जमकर ट्रंप की बखिया उधेड़ी और लिखा- अमेरिका के लोकतंत्र की रगों में बहने वाले खून के लिए भी खतरनाक हैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प
न्यूयॉर्क टाइम्स- व्हाइट हाउस का महत्व इससे कम कभी नहीं हुआ
द गार्डियन- खुद आवाज उठाएं, आपको ट्रम्प से बचाना हमारा काम नहीं
द गार्डियन ने लिखा- "हम अमेरिका की जनता के दुश्मन नहीं हैं। हम उनकी बेहतरी ही चाहते हैं, लेकिन खुद की बेहतरी चाहने के लिए अमेरिकियों को अब आवाज उठानी होगी। हम आपको ट्रंप से बचाने नहीं आए हैं। हमारी जो बात ट्रंप को जंग लगती है, हमारे लिए वो रोजमर्रा का काम है।'
न्यूयॉर्क पोस्ट- सच कहने वाले हर शख्स को झूठा साबित किया जा रहा है
न्यूयॉर्क पोस्ट ने लिखा- "हमसे पूछा जाता है कि आप सहमत हैं या नहीं? हम असहमत होने वाले कौन होते हैं? हमारे पास असहमति का अधिकार ही नहीं बचा है। देश में असहमत होने वाले, सच कहने वाले हर व्यक्ति को झूठा साबित किया जा रहा है। हमें किसी का वोट नहीं चाहिए। हम क्यों झूठ बोलेंगे?'
अखबारों ने जमकर ट्रंप की बखिया उधेड़ी और लिखा- अमेरिका के लोकतंत्र की रगों में बहने वाले खून के लिए भी खतरनाक हैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प
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द गार्डियन- खुद आवाज उठाएं, आपको ट्रम्प से बचाना हमारा काम नहीं
द गार्डियन ने लिखा- "हम अमेरिका की जनता के दुश्मन नहीं हैं। हम उनकी बेहतरी ही चाहते हैं, लेकिन खुद की बेहतरी चाहने के लिए अमेरिकियों को अब आवाज उठानी होगी। हम आपको ट्रंप से बचाने नहीं आए हैं। हमारी जो बात ट्रंप को जंग लगती है, हमारे लिए वो रोजमर्रा का काम है।'
न्यूयॉर्क पोस्ट- सच कहने वाले हर शख्स को झूठा साबित किया जा रहा है
न्यूयॉर्क पोस्ट ने लिखा- "हमसे पूछा जाता है कि आप सहमत हैं या नहीं? हम असहमत होने वाले कौन होते हैं? हमारे पास असहमति का अधिकार ही नहीं बचा है। देश में असहमत होने वाले, सच कहने वाले हर व्यक्ति को झूठा साबित किया जा रहा है। हमें किसी का वोट नहीं चाहिए। हम क्यों झूठ बोलेंगे?'