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माइक्रोसॉफ्ट की गूगल को पटखनी

Fri, 06 Sep 2013 07:06 PM IST
Updated Fri, 06 Sep 2013 07:06 PM IST
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दुनिया की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले कुछ समय से गूगल के साथ चल रहे एक पेचीदा पेटेंट विवाद में जीत हासिल कर ली है|

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माइक्रोसॉफ्ट के पास एक्सबॉक्स कंसोल और विंडोज सॉफ्टवेयर में गूगल के स्वामित्व वाली कंपनी मोटोरोला की तकनीक इस्तेमाल करने का लाइसेंस है| लेकिन इस लाइसेंस के लिए मोटोरोला ने भारी रकम की मांग की थी, जिसके बाद विवाद पैदा हो गया था|
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माइक्रोसॉफ्ट ने मोटोरोला पर पेटेंट उत्पादों के लाइसेंस सस्ते में देने के समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था|

इस मामले में अमेरिका के एक जज ने माइक्रोसॉफ्ट के दावे को सही ठहराते हुए सॉफ्टवेयर कंपनी को क्षतिपूर्ति के रूप में 1.5 करोड़ डॉलर (करीब 90 करोड़ रुपये) भुगतान करने के आदेश दिए|
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सस्ते उत्पाद की राह आसान

इस फैसले के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने एक बयान जारी कर कहा, ''यह उन सभी लोगों की एक अहम जीत है जो सस्ते और ठीक ढंग से काम करने वाले उत्पाद चाहते हैं|''

माइक्रोसॉफ्ट ने मंज़ूर राशि से करीब दोगुने की क्षतिपूर्ति की मांग की थी| इसमें 1.1 करोड़ डॉलर की वह राशि भी शामिल है जिसे माइक्रोसॉफ्ट ने मोटोरोला की धमकी के कारण जर्मनी से एक गोदाम को हटाने के लिए खर्च किया था|

मोटोरोला ने जर्मनी में कुछ उत्पादों की बिक्री को लेकर माइक्रोसॉफ्ट को चेताया था|

माइक्रोसॉफ्ट ने जर्मनी में एक्सबॉक्स की बिक्री पर रोक लगाने का अधिकार मोटोरोला को मिलने की स्थिति में नुकसान से बचने के लिए अपने सॉफ्टवेयर डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर को नीदरलैंड में स्थानांतरित किया था|

जिस विवादित पेटेंट को मोटोरोला टेक्नोलॉजीज ने हासिल किया है, वह एच 264 वीडियो कम्प्रेशन स्टैंडर्ड और 802.11 वायरलैस स्टैंडर्ड को सहयोग करता है|

मुकदमे पर सुनवाई के दौरान माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि ये पेटेंट्स 'आवश्यक पेटेंट्स' के रूप में पंजीकृत करवाए गए थे, जिसका मतलब होता है कि उद्योग के स्तर को बढ़ाने के लिए खोज बेहद जरूरी है|

ऐसे पेटेंट्स के मालिक दूसरे उपभोक्ताओं को सही और उचित कीमतों पर बिना भेदभाव के इसे उपलब्ध करवाने की शर्तों पर सहमत होते हैं|

मोटारोला ने इस फैसले के बाद आगे अपील करने के संकेत दिए हैं| मोटोरोला कंपनी के विलियम मॉस ने कहा, ''हम इस फैसले से निराश हैं, लेकिन इस मामले में सामने आए नए कानूनी मसलों पर अपील करने को लेकर विचार कर रहे हैं|''

वैश्विक लड़ाई

एक अन्य मुकदमे में गूगल ने माइक्रोसॉफ्ट पर पेटेंट के एवज में अरबों डॉलर की राशि का भुगतान नहीं करने का दावा किया था जिसे इस साल के शुरू में अदालत ने खारिज कर दिया था|


अमरीकी जिला जज जेम्स रॉबर्ट ने कहा कि भुगतान की उचित दर 18 लाख डॉलर है, जो माइक्रोसॉफ्ट के अनुमान से मामूली ज्यादा है, लेकिन मोटोरोला की प्रतिवर्ष चार अरब डॉलर की मांग से काफी कम है|

यह ताजा मामला दोनों कंपनियों के बीच जारी विवाद का ही एक हिस्सा है|

माइक्रोसॉफ्ट, गूगल के फ्री एंड्रॉएड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले सभी हैंडसेट निर्माताओं से लाइसेंस फीस की मांग कर रही है, जिस कारण गूगल माइक्रोसॉफ्ट से बदला लेना चाहता है|

इस विवाद ने वैश्विक पेटेंट युद्ध का रूप ले लिया है, जिसमें एपल, सैमसंग और नोकिया जैसी कंपनियां भी कूद पड़ी हैं|

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