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अमेरिकी चुनाव: खत्म होगा 96 साल लंबा इंतजार

Tue, 08 Nov 2016 03:58 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Tue, 08 Nov 2016 03:58 PM IST
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Meet the US citizens ending a 96-year wait to vote for a woman
एस्टेल शुल्ज़
आज आठ नवंबर को दसियों लाख अमेरिका महिलाएं ऐसा कुछ करेंगी, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था, लेकिन उन्हें इसके पहले इसका मौका नहीं मिला था। वे राष्ट्रपति चुनाव में किसी बड़ी पार्टी की महिला उम्मीदवार के लिए वोट करेंगी। कुछ लोगों ने तो इसके लिए 96 साल लंबा इंतजार किया है। अमेरिका में 18 अगस्त 1920 से पहले जन्मी महिलाओं ने जिंदगी की शुरुआत ऐसे देश में की है, जहां औरतों को वोट देने का हक नहीं था।
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इनमें 98 साल की एस्टेल शुल्ज भी हैं। वे दूसरे विश्व युद्ध के दौरान एक कारखाने में काम करती थीं। वो शिक्षक थीं। वे जब छोटी थीं, उनकी मां वोट देने जाती थीं, तो उन्हें साथ ले जाती थीं। एस्टेल दिल की मरीज हैं और हॉसपीस में रहती हैं। हॉसपीस वह जगह होती है जहां लोग मृत्यु की इच्छा लिए अंतिम दिन गुजारने के लिए जाते हैं। वे कहती हैं, "मैंने यह तय कर लिया था कि इतना तो जरूर जिऊंगी कि पहली महिला राष्ट्रपति का चुनाव देख सकूं।"
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पोती से तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट करने के लिए कहा

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उन्होंने अक्टूबर में पहली बार वोट डाला। उन्होंने महसूस किया कि वे काफी "भावुक" हो गईं थी और अपनी पोती सारा से कहा कि उनकी तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट कर दें। सारा ने लिखा, "मैं अपनी 98 साल की दादी के कहने पर यह तस्वीर पोस्ट कर रही हूं, वे कंप्यूटर का इस्तेमाल करना नहीं जानती हैं।" कुछ ही देर में इस फोटो को हजारों लोगों ने "लाइक" किया। दूसरे कई लोगों की भी यह कहानी थी। जल्द वेबसाइट "आई वेटेड 96 ईयर्स" बन गई। इसमें हिलेरी क्लिंटन के उन समर्थकों की कहानियां थीं, जिनका जन्म महिलाओं को मतदान का अधिकार मिलने से पहले हुआ था।

इनमें से कुछ महिलाओं को 19वें संशोधन के पारित किए जाने और महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिए जाने की घटना अभी भी याद है। मेसाच्युसेट्स की जूलियट बर्नस्टीन का जन्म 1913 में हुआ था, वे 103 साल की हैं। वे कहती हैं, "मुझे याद है कि औरतों को मतदान का अधिकार मिलने के बाद पहली बार अपनी मां के साथ घोड़ागाड़ी में मतदान केंद्र तक गई थी।"

मतदान करने वाली महिलाओं को है इस बात की खुशी

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डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य 102 साल की जेरैल्डिन जेरी एमेट ने भी वोट दिया है। शिकागो निवासी, 98 साल की बीएट्रिस लंपकिन कहती हैं, "मेरी मां उन कुछ महिलाओं में से थीं, जिन्होंने अपने बाल कटवा लिए और कीचड़ में घिसट कर चलने वाली लंबी स्कर्ट की जगह छोटी ड्रेस पहन ली थीं।" उन्होंने आगे कहा, "यह हमारे अधिकारों की बात है। यह मतदान करने के हक से शुरू हुई। जब मैं इतनी बड़ी हो गई थी कि इसे समझ सकूं, मुझे काफी गर्व हुआ कि महिलाओं ने मतदान करने का अधिकार हासिल कर लिया।"

मतदान करने वाली कई महिलाओं को तो बस इसी बात पर खुशी है कि उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में एक महिला उम्मीदवार को वोट देने का मौका मिला है, कई ने इस बारे में सोचा तक नहीं था। एंजेला एस्टेल गैरावेली एस्टर की मौत 21 अक्टूबर को 98 साल की उम्र में हो गई। उन्होंने पहले ही वोट देने का विकल्प चुना। लेकिन नतीजा आने के पहले ही उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा था, "यदि मुझे एक बार और वोट देने का मौका मिला, मैं किसी औरत को ही देना चाहूंगी।"

 
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एस्टर ने मौत के कुछ घंटे पहले ही वोट दे दिया। पर नब्बे और सौ साल के ऊपर की उम्र की कई महिलाओं के लिए यह इसका प्रतीक है कि महिलाओं को कितना हक मिला है। यूजीनिया पर्किन्स 102 साल की हैं। वे कहती हैं, मैं महिलावादी तब से हूं जब यह शब्द बना भी नहीं था। यह समय की बात है कि कोई औरत राष्ट्रपति बनती है। 99 साल की सिल्विया शुलमैन के मुताबिक, "यह वोट सिर्फ इसलिए नहीं है कि हिलेरी एक महिला है।" वे कहती हैं, "यह ये दिखाने के लिए है कि हम औरत होने के नाते कुछ भी कर सकती हैं, खास कर तब जब हमने उसके लिए जरूरी अनुभव हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है।" पर्किन्स ने कहा, "अपनी पोती और पड़पोती को यह बताने में अच्छा लगता है कि अब तुम्हारी सीमा आकाश है और तुम वह सब कुछ कर सकती हो जो पुरुष कर सकते हैं।" वेबसाइट की कोशिशों की ओर लोगों का ध्यान गया। शुल्ज की तस्वीर ट्रेंड करने लगी और उन्हें डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने एक निजी चिट्ठी लिखी। उन्होंने लिखा, "किसी बड़े राजनीतिक दल की पहली राष्ट्रपति उम्मीदवार होने की जिम्मेदारियों से मैं अभिभूत हो गई हूं।" उन्होंने आगे लिखा, "हमने इतना कुछ हासिल कर लिया है। पर हमें अभी शीशे की अंतिम छत को तोड़ना है।"

Meet the US citizens ending a 96-year wait to vote for a woman
एस्टर ने मौत के कुछ घंटे पहले ही वोट दे दिया। पर नब्बे और सौ साल के ऊपर की उम्र की कई महिलाओं के लिए यह इसका प्रतीक है कि महिलाओं को कितना हक मिला है। यूजीनिया पर्किन्स 102 साल की हैं। वे कहती हैं, मैं महिलावादी तब से हूं जब यह शब्द बना भी नहीं था। यह समय की बात है कि कोई औरत राष्ट्रपति बनती है। 99 साल की सिल्विया शुलमैन के मुताबिक, "यह वोट सिर्फ इसलिए नहीं है कि हिलेरी एक महिला है।"

वे कहती हैं, "यह ये दिखाने के लिए है कि हम औरत होने के नाते कुछ भी कर सकती हैं, खास कर तब जब हमने उसके लिए जरूरी अनुभव हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है।" पर्किन्स ने कहा, "अपनी पोती और पड़पोती को यह बताने में अच्छा लगता है कि अब तुम्हारी सीमा आकाश है और तुम वह सब कुछ कर सकती हो जो पुरुष कर सकते हैं।"

वेबसाइट की कोशिशों की ओर लोगों का ध्यान गया। शुल्ज की तस्वीर ट्रेंड करने लगी और उन्हें डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने एक निजी चिट्ठी लिखी। उन्होंने लिखा, "किसी बड़े राजनीतिक दल की पहली राष्ट्रपति उम्मीदवार होने की जिम्मेदारियों से मैं अभिभूत हो गई हूं।" उन्होंने आगे लिखा, "हमने इतना कुछ हासिल कर लिया है। पर हमें अभी शीशे की अंतिम छत को तोड़ना है।"
 
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