महिला मरीजों के वीडियो बनाने पर करोड़ों का मुआवजा
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अमेरिका के मेरीलैंड स्थित जॉन हॉपकिंस अस्पताल के एक गायनेकोलोजिस्ट डॉक्टर ने हजारों महिला मरीजों के गुप्त वीडियो बनाए। इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल को 19 करोड़ डॉलर का मुआवज़ा देने को कहा गया है।
लगभग आठ हजार महिलाओं ने एक मुकदमें में दावा किया था कि इस अस्पताल के डॉक्टर निकिता लेवी ने धोखे से उनका वीडियो बनाया।
डॉक्टर निकिता लेवी ने पिछले साल आत्महत्या कर ली थी। ऐसी ख़बरें आईं थीं कि इस डॉक्टर ने पेन और चाबी के छल्लों में छिपे कैमरों से यह वीडियो रिकॉर्डिंग की थी।
गले में पेन कैमरा
महिलाओं के वकील जॉनाथन शॉकर ने कहा कि सभी महिलाओं के साथ 'बर्बरता' हुई और उन्होंने डॉक्टर के कृत्य को 'धोखा'
बताया।
ऐसा माना जा रहा है कि यह अमेरिका के इतिहास में अपनी तरह का सबसे बड़ा मुआवजा है। ये सबसे पहले लेवी के एक सहकर्मी ने उजागर किया जिसने लेवी के गले में एक पेन कैमरा देखा।
अधिकारियों को बाद में लेवी के घर से एक हार्ड ड्राइव मिली जिसमें मरीजों की 1200 से अधिक तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स मिली थीं। यह मामला सामने आने के दस दिन बाद लेवी को आठ फरवरी 2013 को उनके आवास पर मृत पाया गया था।