{"_id":"cfd425f4-6a89-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"justice-for-mumbai-attacks-still-high-on-us-priority-says-hillary-clinton","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबई हमलों में इंसाफ होना अभी बाकी: हिलेरी","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
मुंबई हमलों में इंसाफ होना अभी बाकी: हिलेरी
बीबीसी हिंदी
Updated Wed, 30 Jan 2013 02:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि मुंबई हमलों में अभी इंसाफ होना बाकी है।
विज्ञापन
हिलेरी क्लिंटन ने यह बात मंगलवार को वॉशिंगटन में एक टाउन हाल बैठक में अपने कार्यकाल के बारे में सवालों के जवाब के दौरान कही।
मुंबई हमलों के बारे में बोलते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हम पल्ला नहीं झाड़ रहे हैं। मुंबई हमलों के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाना अब भी अधूरा काम है।
हिलेरी क्लिंटन ने इस मामले में भारत के लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मैं सारे भारतीय लोगों को यह बताना चाहती हूं कि इस मामले में न्याय दिलाना अब भी हमारी बेहद अहम प्राथमिकताओं में शामिल है।
विज्ञापन
हेडली और राणा को सजा
पिछले हफ्ते मुंबई हमलों के एक मुख्य आरोपी डेविड हेडली को एक अमेरिकी अदालत द्वारा 35 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। उससे पहले उसके साथी तहव्वुर राणा को भी 14 साल की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
लेकिन भारत अमेरिका से यह मांग करता रहा है कि डेविड हेडली को मुंबई हमलों के मामले में भारत प्रत्यर्पित किया जाए। अमेरिका ने हमेशा भारत की इस मांग को मानने से इंकार किया है।
हेडली को सिर्फ 35 वर्ष कैद की सजा दिए जाने के कारण भारत में सरकार समेत बहुत से लोग नाराज हैं। लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की थी कि हेडली के मामले में अमेरिकी अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है।
'हेडली ने सहयोग दिया'
इस माहौल में अब विदेश मंत्री के इस बयान की अहमियत और बढ़ जाती है कि अभी अमेरिकी सरकार यह नहीं समझती कि मुंबई हमलों के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में ला खड़ा किया गया है।
क्लिंटन ने यह जरूर कहा कि हेडली ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करके महत्वपूर्ण जानकारियां दीं जिससे भारत और अमेरिका में मुंबई जैसे अन्य हमले होने से रोके जा सके।
हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि हेडली से बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल की गईं थीं। मैं समझती हूं कि जो सजा उसे मिली है, और जो उसे मिलनी ही चाहिए थी, वह उसके सहयोग को भी दर्शाती है।
हेडली का सहयोग आगे भी जारी रहने की उम्मीद है जिससे मुंबई जैसे हमलों को रोकने के लिए भारतीय और अमेरिकी कोशिशें कामयाब हों।
अदालत में अमेरिकी अटॉर्नी पैट्रिक फिट्जराल्ड ने हेडली के मामले में नरमी की अपील की थी। उन्होंने जज को बताया था कि हेडली के एक खबरी बनने के बाद 'जानें बची हैं।' जबकि अमेरिकी सरकार ने हेडली के लिए अदालत से उम्र कैद की सजा की भी सिफारिश नहीं की थी।
चरमपंथ के खिलाफ जंग जारी
लेकिन क्लिंटन ने कहा कि अमेरिकी सरकार चरमपंथ के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उनका कहना था कि अमेरिका भारत के साथ गुप्त जानकारियों के अलावा कानून व्यवस्था के मामलों में भी सहयोग बढ़ा रहा है। और उन्होंने इत्मिनान दिलाया कि आने वाले वर्षों में इसका फायदा होगा।
हिलेरी क्लिंटन ने पाकिस्तान से भी अपील की है कि वह अपने देश में सक्रिय चरमपंथियों के खिलाफ कारर्वाई करे। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तानी सरकार से भी अपील करते रहे हैं कि वह अपने देश के भीतर से सक्रिय चरमपंथियों के खात्मे के लिए काम करे, क्योंकि वे पाकिस्तान समेत भारत और अमेरिका के लिए भी खतरा हैं।
मुंबई हमलों के सिलसिले में भारत यह भी मांग करता रहा है कि पाकिस्तान स्थित चरमपंथी गुट लश्करे तैयबा के सरगना हाफिज सईद को भारत के हवाले किया जाए।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने की हाल में की गई कोशिशों को भी सराहा। चार साल तक अमेरिका की विदेश मंत्री रहने के बाद हिलेरी क्लिंटन पहली फरवरी को अपना पद छोड़ रही हैं।