समलैंगिक विवाह: जिंदल ने की ओबामा-हिलेरी की आलोचना
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लुइसियाना के भारतीय मूल के अमेरिकी गवर्नर बॉबी जिंदल ने समलैंगिक विवाह संबंधी विचारों के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी पेश करने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी की हिलेरी क्लिंटन की आलोचना की है। जिंदल ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति और हिलेरी क्लिंटन ने जनमत संग्रह के आधार पर अपने विचार बदल लिए हैं।
ओबामा ने समलैंगिक विवाह को अमेरिका की जीत बताया है जबकि हिलेरी क्लिंटन ने भी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस बाबत ऐतिहासिक फैसले की सराहना की है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देते हुए कहा कि समलैंगिक लोग देश के सभी 50 राज्यों में शादी कर सकते हैं।
2016 में होने वाले राष्ट्रपति पद चुनाव में 13वें रिपब्लिकन प्रत्याशी बॉबी जिंदल ने कहा, ‘राष्ट्रपति ओबामा और हिलेरी क्लिंटन, दोनों ने ही जनमत संग्रह के आधार पर अपने विचार बदल लिए हैं। ये दोनों सुप्रीम कोर्ट की तरह जनमत संग्रह को पढ़ सकते हैं।’
जिंदल बोले, शादी एक पुरुष और एक महिला के बीच ही होती है
44 -वर्षीय जिंदल ने एनबीसी न्यूज को रविवार को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘शादी की बाबत मेरा विचार मेरे ईसाई विश्वास पर आधारित है। किसी भी अदालत का आदेश उसे नहीं बदलेगा। मेरा मानना है कि शादी एक पुरुष और एक महिला के बीच ही होती है।’ जिंदल ने नस्लवाद पर कहा, ‘हमें खुद को बंटे हुए अमेरिकियों के तौर पर देखना बंद करना चाहिए।
हम न तो अफ्रीकी-अमेरिकी हैं और न ही भारतीय-अमेरिकी। हम सभी अमेरिकी हैं। लोगों को उनके रंग और उनकी चमड़ी के आधार पर देखना सबसे मूर्खतापूर्ण है। नस्लवाद में हमारा यकीन नहीं है। हम अपने साथी नागरिकों से प्रेम करते हैं। ईश्वर की निगाह में हम सभी बराबर हैं। हम शादी में यकीन करते हैं।’
जिंदल की लोकप्रियता की रेटिंग उनके गृह राज्य में काफी नीचे है। जब जिंदल से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं अपने फैसले जनमत संग्रह के आधार पर नहीं लेता। अगर मुझे चुनाव से डर लगता तो मैं दो बार बड़े बहुमत से चुनाव नहीं जीतता।’