अमेरिकी सीनेट में जुकरबर्ग ने कहा- 'ये मेरी गलती है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डाटा लीक को लेकर पूरी दुनिया में आलोचना का शिकार होने वाले फेसबुक के संचालक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने सोमवार को अमेरिकी कांग्रेस में बाकायदा माफी मांग ली है। उन्होंने कैंब्रिज एनालिटिका कांड के लिए खुद को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मान लिया है। अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष उन्होंने लिखित में माफी मांगी और माना कि वह फेसबुक के 8.7 करोड़ यूजरों का निजी डाटा सुरक्षित नहीं रख पाए, डाटा की हेराफेरी होती रही और उसका गलत ढंग से इस्तेमाल होता रहा।
इस दौरान उन्होंने कहा कि फेसबुक के जरिए जो भी गड़बड़ियां हुई हैं उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। और लोगों का भरोसा वापस हासिल करने की कोशिश करूंगा। उन्होंने आश्वासन दिया की भारत में होने वाले चुनावों के दौरान फेसबुक द्वारा पूरी ईमानदारी बरती जाएगी।
We assure we will do our best to maintain the integrity of upcoming elections in India: Mark Zuckerberg pic.twitter.com/mqOTUe7ywW
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 10, 2018
जुकरबर्ग ने कहा कि फेसबुक फेक न्यूज, हेट स्पीच, चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप, डाटा की निजता जैसे नुकसान को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा पाई, यह बड़ी गलती है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। उन्होंने कमिटी को विश्वास दिलाया कि भारत में आगामी चुनावों के दौरान ईमानदारी बरतने में अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।
Data privacy and foreign interference in elections are the biggest issues the company has faced and we feel huge responsibility to get these right: #Facebook CEO Mark Zuckerberg
— ANI (@ANI) April 10, 2018
अमेरिकी कांग्रेस को दी लिखित माफी के बाद मार्क जुकरबर्ग की अगली पेशी अमेरिकी सीनेट के समक्ष भी होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि अपने यूजरों के डाटा लीक को लेकर उन्होंने पर्याप्त कद नहीं उठाए इस कारण पिछले कई सालों से इसका दुरुपयोग होता रहा। जुकरबर्ग ने कहा कि मैंने फेसबुक शुरू किया, मैं इसे चलाता हूं और यहां क्या होता है इसके लिए मैं पूरी तरह से जिम्मेदार हूं। अब यह स्पष्ट है कि हम इसके गलत इस्तेमाल को रोकने के संबंध में कुछ नहीं कर पाए। इसमें फर्जी समाचार, चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप और घृणास्पद भाषणों का प्रभाव बढ़ गया।
33 वर्षीय जुकरबर्ग इन दिनों कारोबार में जबरदस्त संकट का सामना कर रहे हैं। वे अब हाउस पैनल के सामने करोड़ों यूजरों के डाटा चोरी होने को लेकर बयान देंगे। आज कांग्रेस पैनल के सामने पेश होने के बाद जुकरबर्ग ने माना कि वे बेहद आदर्शवादी थे और यह समझने में विफल रहे कि दो अरब लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मंच का दुरुपयोग होने से कैसे रोका जा सकता है। कल उन्होंने सीनेटर बिल नील्सन और अन्य सांसदों से मुलाकात भी की। नील्सन ने कहा कि फेसबुक करोड़ों यूजरों की निजी जानकारी की सुरक्षा करने में विफल रहा है।
डाटा लीक पर जुकरबर्ग का इस्तीफा देने से इनकार
जुकरबर्ग ने कहा, ‘फेसबुक को बनाने में हमने पिछले 14 सालों में कई कठिन समस्याओं को सुलझाने पर काम किया है। इसकी शुरूआत हॉस्टल के एक कमरे से हुई थी और अब यह इतना बड़ा समुदाय का रूप ले चुका है। मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि हम इन समस्याओं से उबरने में सक्षम हैं।’ इस बीच उन्होंने ब्रिटेन समेत दूसरी विदेशी समितियों के सामने पेश होने से भी इनकार कर दिया है।
कैंब्रिज एनालिटिका के साथ शेयर किया था डाटा