{"_id":"5700244b4f1c1b7c02f0010a","slug":"it-is-impossible-to-control-nuclear-weopen-with-us-and-russian-initiative","type":"story","status":"publish","title_hn":"'अमेरिका-रूस के बगैर परमाणु हथियारों में कमी ला पाना कठिन'","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
'अमेरिका-रूस के बगैर परमाणु हथियारों में कमी ला पाना कठिन'
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 03 Apr 2016 01:28 AM IST
सार
- परमाणु सुरक्षा सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति का संबोधन
- भारत-पाक को दी ‘गलत दिशा में न बढ़ने’ की नसीहत
विज्ञापन
ओबामा
- फोटो : Reuters
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि हम भारत और पाकिस्तान के मामले में सुधार देखने के इच्छुक हैं। परमाणु सुरक्षा सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि जब तक खुद अमेरिका और रूस परमाणु हथियारों को कम करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ते, तब तक बड़े पैमाने पर इनमें कमी ला पाना बहुत मुश्किल है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को सुनिश्चित करना होगा कि सैन्य साजोसामान का विकास करते हुए दोनों देश गलत दिशा में आगे न बढ़ें। परमाणु ऊर्जा सम्मेलन के बाद वैश्विक नेताओं ने माना है कि नॉन-स्टेट एक्टर्स को परमाणु सामग्री से दूर रखने के लिए अभी और प्रयास करने की जरूरत है। इससे पहले परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत और पाकिस्तान को अपने परमाणु हथियार कम करने को कहा था।
विज्ञापन
परमाणु सुरक्षा सम्मेलन के दौरान 50 से ज्यादा देशों के नेताओं ने परमाणु और रेडियोएक्टिव आतंक को ‘अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा’ बताते हुए कहा यह खतरा लगातार बड़ा होता जा रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन के आखिर में ओबामा ने भारत और पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को कम करने की जरूरत पर जोर देते हुए दोनों देशों को यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि वे ‘गलत दिशा में न बढ़ें’।
विज्ञापन