आईएसआई ने छिपाया मुल्ला की मौत का रहस्य
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने तालिबान सरगना मुल्ला उमर की मौत की खबर को छिपाए रखा था। अमेरिका के पेंटागन के पूर्व शीर्ष अधिकारी के मुताबिक आईएसआई को मुल्ला उमर की मौत की जानकारी थी।
2009 से 2013 तक डिफेंस फॉर अफगानिस्तान-पाकिस्तान के डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी रहे डेविड सेडनी ने कहा कि आईएसआई की ओर से मुल्ला की मौत को रहस्य बनाए रखना अमेरिका-पाक खुफिया सहयोग की असफलता के साथ ही अमेरिकी खुफिया की भी नाकामयाबी थी।
पाकिस्तान आमतौर पर तालिबान सरगना मुल्ला की मौत के बारे में किसी तरह की जानकारी होने से साफ इनकार करता रहा है। वहीं, आतंकवादी समूहों की गहन जानकारी रखने वाले सेडनी ने पाकिस्तान के इस तर्क को मानने से इनकार किया।
इसी महीने हुआ खुलासा
ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले सेडनी का कहना
है कि पाक सरकार और आईएसआई के कुछ लोग मुल्ला की मौैत के बारे में जानते
थे, लेकिन इसे जानबूझकर छिपाकर रखा।
पाकिस्तान का तालिबान के नेतृत्व पर
काफी प्रभाव है, जिसके चलते पिछले महीने उसने अफगान सरकार और तालिबान के
बीच शांति वार्ता कराई।
करीब 20 सालों तक तालिबान की कमान संभालने वाले एक आंख के आतंकी मुल्ला की कराची में 23 अप्रैल 2013 की मौत का खुलासा इसी महीने हुआ। इसके बाद तालिबान, फिर व्हाइट हाउस, फिर अफगानिस्तान और पाकिस्तान सरकार ने भी मुल्ला की संदिग्ध मौत की पुष्टि कर दी।