US शूटिंग: मृतक इंजीनियर के परिजन बोले- घटना के लिए ट्रंप जिम्मेदार
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अमेरिका के केन्सास शहर में भारतीय इंजीनियर की हत्या के मामले में उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण ही उनके बेटे की जान गई है। वहीं अमेरिका में महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने हमले में घायल हुए एक अन्य भारतीय युवक से मामले की जानकारी ली है।
घटना के नस्लीय टिप्पणी से प्रेरित होने की खबरों के बाद दोनों ही देशों के राजदूतों की नजर घटना की जांच पर है। वहीं एक स्थानीय अखबार को घटना की जानकारी देते हुए ऑस्टिन बार और ग्रिल के बार टेंडर ने बताया कि दोनों ही भारतीय युवक बार में रेगुलर आते थे। वो ज्यादातर जेम्सन (एक प्रकार की व्हिस्की) ऑर्डर करते थे। उनका व्यवहार सभ्य होता था हम उन्हें जेम्सन गाइज के नाम से जानते थे।
घटना के बाद तुरंत हरकत में आए भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिका में मौजूद दूतावास के अधिकारियों को पीड़ित युवकों से मुलाकात करने के निर्देश दिए थे। वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
बता दें कि अमेरिका के एक 'बार' में भारतीय इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना अमेरिका के केन्सास शहर में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोली मारने वाला व्यक्ति जोर-जोर से चिल्लाते हुए कह रहा था 'मेरे देश से बाहर निकलो'।
51 वर्षीय एडम परिंटन नाम के आरोपी ने बार के अंदर कई राउंड फायरिंग की। फायरिंग में दो अन्य लोग घायल हुए थे, जिनमें एक इंजीनियर का दोस्त और एक स्थानीय युवक शामिल था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एडम अमेरिकी नेवी से रिटायर है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
घायल युवक से भारतीय अधिकारियों ने की मुलाकात
एक परिजन के अनुसार हमारे परिवार में ऐसा पहली बार हुआ है। इसका एकमात्र कारण डोनाल्ड ट्रंप ही हैं। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और स्थानीय भाजपा इकाई और तेलंगाना सरकार ने उनकी हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। हम चाहते हैं कि हमारे भाई का शव जल्द से जल्द हमें वापिस मिल जाए।
जानकारी के अनुसार श्रीनिवास और मदासनी दोनों ही केन्सास के ओलेथ शहर में जीपीएस बनाने वाली कंपनी गारमिन में इंजीनियर थे। मृतक इंजीनियर तेलंगाना का रहने वाला था जो कुछ साल पहले ही जॉब के लिए अमेरिका पहुंचा था।
सुषमा स्वराज ने जताया दुख
वहीं घटना के बाद विदेश मंत्रालय भी हरकत में आ गया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि, 'मैं इस घटना की खबर सुनकर सदमे में हूं... मेरी संवेदना मृतक के परिवार के साथ हैं।' हमले की खबर मिलते ही ह्यूसटन में कॉन्सुलेट जनरल ऑफ इंडिया आरडी जोशी मामले की जानकारी करने के लिए केन्सास भेजा गया है।
सुषमा ने ट्वीट कर कहा है कि, पीड़ित परिवार की पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रीनिवास के पार्थिव शरीर को भारत लाने का खर्चा भारत सरकार उठाएगी। सुषमा ने अमेरिका में भारतीय राजदूत नवतेज सरना से भी बात की है। सरना ने सुषमा को घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय दूतावास के दो अधिकारी केन्सास के लिए रवाना हो गए हैं।
सुषमा स्वराज ने कहा कि भारतीय राजदूत ने बताया है कि घायल आलोक मदासनी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। वहीं हादसे के कुछ घंटे बाद ही भारत के महावाणिज्य दूतावास के अधिकारी आर डी जोशी ने पीड़ित आलोक मदासनी से उनके घर पर मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित को पूरी मदद का आश्वासन दिया।
वहीं भारत में अमेरिकी दूतावास के अधिकारी मैरी के एल कार्ल्सन ने बताया कि अमेरिकी प्रशासन इस मुद्दे पर जल्द जांचकर पीड़ितों को न्याय दिलाने का पूरा प्रयास करेगा।