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भारतीय-अमेरिकी मूल के कारोबारी ने किया एच1-बी वीजा का उल्लंघन, लगा जुर्माना
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 03 May 2018 11:35 AM IST
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एक भारतीय-अमेरिकी मूल के कारोबारी की आईटी कंपनी पर बुधवार को एक लाख 73 हजार 44 डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। उस पर आरोप है कि उसने 12 विदेशी कर्मचारियों को एच1-बी प्रोग्राम के तहत निर्धारित स्तर से कम वेतन दिया। इन 12 कर्मचारियों में से अधिकतर भारतीय हैं।
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अमेरिकी श्रम विभाग की जांच में सामने आया कि आईटी कंपनी क्लाउडविक टेक्नोलॉजीज कामगारों को 800 डॉलर प्रतिमाह से कम पैसे देती थी। जबकि उन्हें भारत से 8,300 डॉलर प्रतिमाह वेतन का वादा करके लाया गया था। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली में स्थित क्लाउडविक टेक्नोलॉजिज के संस्थापक और सीईओ भारतीय मूल के मणि छाबड़ा हैं।
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सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकी श्रम विभाग की जिला निदेशक सुसना ब्लांको ने कहा कि एच1-बी विदेशी श्रम प्रमाणीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च क्षमता वाले कामगार की तलाश करने में अमेरिकी कंपनियों की मदद करना है। हालांकि उन्हें एच1-बी कर्मियों को रखने की इजाजत तभी मिलती है जब वे यह साबित कर सकें कि अमेरिकी कामगारों की कमी है।
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ट्रंप प्रशासन ने एच1-बी वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर सख्ती की है। जिसके बाद कंपनी पर यह कार्रवाई की गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद कई कंपनियों पर कामगार वीजा के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।