अमेरिकी डेमोक्रेट पार्टी की सीईओ बनीं भारतीय मूल की सीमा नंदा
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भारतवंशी सीमा नंदा ने कहा, ‘हम अपने देश की आत्मा, अपने लोकतंत्र और हमारे अवसरों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।’ डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रीय समिति (डीएनसी) की सीईओ का पद संभालने वाली नंदा पहली भारतीय-अमेरिकी हैं। नंदा ने 23 जुलाई को डीएनसी के सीईओ का पद संभाला।
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि डेमोक्रेट नेता देश की भलाई के लिए सकारात्मक सुझाव दे रहे हैं। नंदा ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी को समर्थन करना ठीक वैसा ही है जैसे अपनी भावी पीढ़ी के लिए किसी इमारत की बुनियाद रखना। ऐसा होने पर ही यह पीढ़ी उस इमारत पर गर्व कर पाएगी।
सीमा नंदा ने कहा कि मैं डीएनसी का नेतृत्व करने वाली पहली एशियन अमेरिकी होने पर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। पार्टी कार्यकर्ता अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों को सशक्त बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका को पुराने ट्रैक पर लाने के लिए डेमोक्रेट कार्यकर्ता अपनी पार्टी को जिताने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। नंदा ने कहा कि नवंबर से शुरू होने जा रहे आई विल वोट अभियान के तहत हमारी पार्टी पांच करोड़ लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश करेगी।
ट्रंप पर निशाना साधा, कहा- देश का लोकतंत्र खतरे में है
भारतवंशी सीमा नंदा अमेरिका की राष्ट्रीय डेमोक्रेटिक समिति (डीएनसी) के देश भर में प्रतिदिन होने वाले ऑपरेशंस के लिए जिम्मेदार होंगी। उनकी भूमिका नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में पार्टी को जीत की रणनीति बनाने की होगी।
सीमा नंदा ने कहा, ‘मैंने अपने दोनों बच्चों से वादा किया है कि हम ऐसा देश बनाएंगे जो सुंदर, स्वतंत्र और सभी के लिए समान मौके दिलाता हो।’ ट्रंप पर निशाना साधते हुए नंदा ने कहा कि, जब से ट्रंप ने कार्यभार संभाला है ये स्पष्ट हो गया है कि सबसे पहला काम देश को अपने पुराने ट्रैक पर वापस लाना है, क्योंकि आज देश में लोकतंत्र खतरे में है।