भारतीय मूल का सिख बना हीरो, आतंकी को पकड़ने में की थी मदद
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न्यूजर्सी बम विस्फोट मामले में वांछित 28 वर्षीय अफगानी मूल के अमेरिकी को पकड़ने में पुलिस की मदद करने के कारण अमेरिका में बार चलाने वाला एक सिख अमेरिकियों का आंखों का तारा बन गया है। लिंडन स्थित एक बार के मालिक हरिंदर बैंस को संदिग्ध आतंकी अहमद खान रहामी सोमवार को बार के दरवाजे पर सोता हुआ दिखा। हुआ यूं कि बैंस अपने लैपटॉप पर टीवी पर समाचार देख रहे थे।
उन्हें पहले लगा कि कोई शराबी व्यक्ति दरवाजे पर आराम कर रहा है लेकिन बाद में उन्होंने टीवी में तस्वीर देखते ही अहमद खान को पहचान लिया और पुलिस को बुलाकर उसे पकड़वा दिया। इस बीच एफबीआई के अधिकारियों को पूछताछ में पता चला है कि अफगानी मूल का यह आतंकी पाकिस्तान में तालिबान के गढ़ क्वेटा रह चुका है और वहां उसने एक महिला से शादी भी रचाई।
पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसका जन्म अफगानिस्तान में हुआ था और वह 2011 में क्वेटा में कई हफ्तों तक रहा था। एफबीआई उससे यह जानने में जुटी है कि 2014 में अमेरिका लौटने से पहले वह पाकिस्तान में किन-किन जगहों पर गया और किन-किन लोगों से मिला। वहीं, भारतीय मूल के अमेरिकी अटॉर्नी रवि बत्रा ने बैंस की तारीफ की है और कहा कि यह बैंस का बहादुरी एवं साहस भरा कदम है।
आतंकी को पकड़ने के लिए पहली बार सेलफोन अलर्ट का इस्तेमाल
अमेरिका में एफबीआई अधिकारियों ने न्यूजर्सी हमले के संदिग्ध आतंकी को पकड़ने के लिए पहली बार सेलफोन अलर्ट का इस्तेमाल किया। इसके जरिये न्यूयॉर्क में रहने वाले लाखों लोगों तक संदिग्ध आतंकी की तस्वीर और सूचना सेकेंडों में पहुंचा दी गई। देश के वायरलेस आपातकालीन अलर्ट प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया और पहली बार आतंकी जांच से संबंधित चेतावनी इस पर जारी की गई।
आम तौर पर इस तरह की प्रणाली का इस्तेमाल मौसम और अपहृत बच्चों की सूचना जारी करने के लिए की जाती है। लेकिन सोमवार 8 बजे सुबह सेलफोन कर्कश ध्वनि के साथ शोर मचाने लगा और इसके साथ ही आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया।
यह अलर्ट एक ही समय में लाखों लोगों के सेलफोन पर जारी किया गया और फोन पर एक तस्वीर जारी की गई, जिसमें लिखा था, ‘वांछित : अहमद खान रहामी, 28 वर्षीय पुरुष। तस्वीर देखिए और मिले तो 9-1-1 पर कॉल करें।’
‘मैं केवल एक आम नागरिक हूं। मैंने वही किया जो हर नागरिक को करना चाहिए। असली नायक पुलिसकर्मी हैं, असली नायक कानून प्रवर्तन है।’
- हरिंदर बैंस, भारतीय मूल का अमेरिका