{"_id":"58bfdae24f1c1b5d3ddc4dac","slug":"india-will-not-use-its-veto-power-for-permanent-membership-in-unsc","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के लिए भारत नहीं करेगा वीटो का इस्तेमाल","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के लिए भारत नहीं करेगा वीटो का इस्तेमाल
amarujala.com, Presented By : अनंत पालीवाल
Updated Wed, 08 Mar 2017 03:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
G4 में शामिल भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता पाने के लिए अगले कुछ समय तक के लिए अपने वीटो का इस्तेमाल नहीं करेगा। जी4 में भारत के अलावा ब्राजील, जर्मनी और जापान शामिल हैं।
ये चारों देश सुरक्षा परिषद में एक दूसरे का साथ हमेशा देते हैं और फिलहाल चारों देश इसके अस्थाई सदस्य भी हैं। स्थाई सदस्यता के मुद्दे पर भी इन देशों का समर्थन मिलता रहता है।
परिषद के रिफॉर्म के लिए उठाया कदम
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सयैद अकबरुद्दीन ने कहा कि वीटो भारत के लिए जरूरी है, लेकिन हम इसका इस्तेमाल सुरक्षा परिषद के रिफॉर्म होने तक इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे।
विज्ञापन
सुरक्षा परिषद में नए स्थाई सदस्यों के लिए वीटो की व्यवस्था पहले से मिलेगी, लेकिन भारत इसका इस्तेमाल तब तक नहीं करेगा, जब तक किसी भी मुद्दे का रिव्यू नहीं हो जाता है।
स्थाई देशों को बढ़ाने के मुददे पर रोड़ा अटका रहे हैं ये देश
भारत सहित अन्य देशों को संयुक्त राष्ट्र की स्थाई सदस्यता मिलने से रोकने के लिए पाकिस्तान, इटली सहित 13 देश काफी लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। जी4 में शामिल सभी देशों ने उस सुझाव को दरकिनार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि ऐसे देशों को लंबे समय के लिए सदस्यता दे दी जाए, क्योंकि इससे इन देशों को लगा कि परिषद नए देशों को स्थाई सदस्य बनने के लिए रोक रहा है। इटली ने इस तरह का विचार दिया था, जिसको भारत ने एक सिरे से खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
ये चारों देश सुरक्षा परिषद में एक दूसरे का साथ हमेशा देते हैं और फिलहाल चारों देश इसके अस्थाई सदस्य भी हैं। स्थाई सदस्यता के मुद्दे पर भी इन देशों का समर्थन मिलता रहता है।
विज्ञापन
परिषद के रिफॉर्म के लिए उठाया कदम
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सयैद अकबरुद्दीन ने कहा कि वीटो भारत के लिए जरूरी है, लेकिन हम इसका इस्तेमाल सुरक्षा परिषद के रिफॉर्म होने तक इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे।
विज्ञापन
सुरक्षा परिषद में नए स्थाई सदस्यों के लिए वीटो की व्यवस्था पहले से मिलेगी, लेकिन भारत इसका इस्तेमाल तब तक नहीं करेगा, जब तक किसी भी मुद्दे का रिव्यू नहीं हो जाता है।
स्थाई देशों को बढ़ाने के मुददे पर रोड़ा अटका रहे हैं ये देश
भारत सहित अन्य देशों को संयुक्त राष्ट्र की स्थाई सदस्यता मिलने से रोकने के लिए पाकिस्तान, इटली सहित 13 देश काफी लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। जी4 में शामिल सभी देशों ने उस सुझाव को दरकिनार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि ऐसे देशों को लंबे समय के लिए सदस्यता दे दी जाए, क्योंकि इससे इन देशों को लगा कि परिषद नए देशों को स्थाई सदस्य बनने के लिए रोक रहा है। इटली ने इस तरह का विचार दिया था, जिसको भारत ने एक सिरे से खारिज कर दिया है।