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यूएनएसी सुधार प्रक्रिया में शामिल होने की समीक्षा से नहीं कतराएं सदस्य देश: भारत
Thu, 31 Jan 2019 04:00 AM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Thu, 31 Jan 2019 04:00 AM IST
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संयुक्त राष्ट्र
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की सुधार प्रक्रिया को कठिन यात्रा करार दिया है। भारत ने सभी सदस्य देशों से अपील की है कि अगर इस अहम मामले में विश्वसनीय प्रगति नहीं होती है तो वे इसमें खुद के शामिल होने की समीक्षा करने से नहीं कतराएं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में सदस्य देशों की संख्या बढ़ाने पर हुई अनौपचारिक बैठक में कहा, ‘सुधार प्रक्रिया पर बातचीत जारी करने के लिए अधिक से अधिक समय दिया जाना चाहिए।'
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उन्होंने कहा कि 'सदस्य देशों को किसी एकपक्षीय समयसीमा में नहीं बंधना चाहिए। यदि अहम पारस्परिक सम्मान दिखाते हैं और वार्ता का समय और स्थान तय करने में आपसी तालमेल को प्रोत्साहित करते हैं, तभी हम प्रक्रिया को विश्वसनीय बना सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इस वर्ष होने वाली वार्ता हमारी इस कोशिश को आगे ले जाने में मदद करेंगी।’
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अकबरूद्दीन ने जोर दिया कि हर सुझाव को नकारना नहीं जाना चाहिए और सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए रचनात्मक मार्गों को तलाशने की जरूरत है। यदि हमारे सर्वश्रेष्ठ प्रयासों के बावजूद हम विश्वसनीय प्रगति हासिल नहीं कर पाते हैं तो हमें इस पर पुनर्विचार करने से कतराना नहीं चाहिए कि हम इस महत्वपूर्ण मामले में कैसे शामिल हों।
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उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में वैश्विक चुनौतियां बढ़ गई हैं और हम आगे बढ़ने के तरीकों को लेकर ही बंटे हुए हैं। सुधार प्रक्रिया पर वार्ता और चर्चा को एकदम नए सिर से आरंभ करने की आवश्यकता नहीं है और सदस्य देश उसी बिंदु से आगे बढ़ सकते हैं, जहां वे पिछले साल जून में रुक गए थे। उन्होंने वार्ता प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता अपनाने की वकालत की।