एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के लिए चुनौती बने रूस और चीन
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बदले की भावना वाला रूस और लगातार जिद्दी होता जा रहा चीन हिंद-एशिया प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के लिए चुनौती बन गया है। अमेरिका में पैसिफिक कमान के कमांडर एडमिरल हैरी हैरिस ने द व्यू फ्रॉम द इंडो एशिया पैसिफिक विषय पर संबोधन में यह बात कही।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इन देशों के साथ किसी तरह का टकराव नहीं चाहता है। हैरिस ने कहा, ‘रूस और चीन दोनों के पास तय करने के विकल्प हैं।
वे या तो सभी देशों को दशकों से सुरक्षित रखते आ रही व्यवस्था का अपमान करेंगे या जिम्मेदारी के साथ इसमें सहयोग करेंगे।
साझा मुद्दों को एक तरफा खत्म नहीं होने देंगे
हमें सहयोग की उम्मीद है पर हमें अपमान की स्थिति के लिए भी तैयार रहना होगा। उन्होंने आगे कहा, मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम साझा मुद्दों को एक तरफा खत्म नहीं होने देंगे।
मैंने यह पहले भी कहा है और फिर से दोहरा रहा हूं कि हम जहां सहयोग कर सकते हैं करेंगे लेकिन हमें जरूरत पड़ने पर अलग थलग करने के लिए भी तैयार रहना होगा।’
हैरिस ने इसके अलावा उत्तरी कोरिया और इस्लामिक स्टेट को क्षेत्र में अमेरिका की सुरक्षा के लिए अन्य दो खतरा बताया।