जालसाज और हैकर अमेरिका को हर साल 600 अरब डॉलर की लगाते हैं चपत
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नकली सामान बनाने वाले, सॉफ्टवेयर की चोरी करने वाले और गुप्त व्यापारिक सूचनाओं की चोरी करने वाले अमेरिकी अर्थव्यवस्था को कम से कम 600 अरब अमेरिकी डॉलर की हर साल चपत लगाते हैं। अमेरिकी की निगरानी रखने वाली एक निजी संस्था ने इसका खुलासा किया है।
सोमवार को जारी हुई रिपोर्ट में अमेरिकी बौद्धिक संपदा की चोरी पर निगरानी रखने वाले आयोग कहा कि अमेरिका को इससे हर साल होने वाला नुकसान 225 अरब डॉलर से 600 अरब डॉलर है।
अमेरिका को हर साल से अकेले गुप्त व्यापारिक सूचनाओं की चोरी के माध्यम से 180 अरब डॉलर से 540 अरब डॉलर के बीच की चपत लगती है। वहीं पर, नकली सामानों के माध्यम से अमेरिका को 29 अरब डॉलर से 41 अरब डॉलर के बीच की चपत लगती है जबकि सॉफ्टवेयर के माध्यम से अमेरिका को हर साल लगभग 18 अरब डॉलर की चपत लगती है।
2015 में 400 अरब डॉलर की आर्थिक जासूसी
राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय के निष्कर्ष के अनुसार, वर्ष 2015 में कंप्यूटर हैकिंग के द्वारा 400 अरब डॉलर की आर्थिक जासूसी आंकी गई है। इस मामले में चीन को सबसे बड़ा दोषी मानते हुए आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीन सरकार बौद्धिक संपदा की चोरी को प्रोत्साहित करती है।
अमेरिका में आने पर जब्त होने वाली 87 फीसदी नकली सामानों के लिए हांग कांग सहित चीन जिम्मेदार होता है। इस आयोग का नेतृत्व पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपति उम्मीदवार और उताह गवर्नर जोन हंट्समैन कर रहे थे जिन्होंने चीन में अमेरिकी राजदूत के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हुई हैं।
उनके साथ इस आयोग में अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के पूर्व निदेशक एडमिरल डेनिस ब्लायर भी थे।