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हिलेरी जीतीं तो विद्रोह करेंगे ट्रंप समर्थक, ट्रंप जीते तो बदलेंगी पुरानी नीतियां

Wed, 02 Nov 2016 01:36 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन Updated Wed, 02 Nov 2016 01:36 AM IST
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If Trump loses, will there be an uprising?
- फोटो : Getty Images

अमेरिकी इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए राजनीति का निचले स्तर गया है। तीन बहसों में भी इसकी स्पष्ट छाप दिखाई दी है। अब चुनावों के बाद अमेरिका जो इतिहास लिखेगा वह भी पहली बार ही होगा। रिपब्किन पार्टी के ट्रंप समर्थक खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी की हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रपति बनीं तो वे चुनाव परिणामों को नहीं मानेंगे और विद्रोह करेंगे। हिलेरी के डेमोक्रेट समर्थक इसलिए परेशान हैं क्योंकि यदि चुनाव परिणाम ट्रंप के पक्ष में गया तो अब तक के इतिहास में अमेरिकी हित में लिए गए कई बड़े फैसलों को वह पलट डालेंगे। 

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रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने टीवी पर दूसरी सार्वजनिक बहस में ही कह दिया था कि यदि चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं आए तो वह उन्हें स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं होंगे। हमारे संवाददाताओं ने छह बड़े प्रांतों में चुनाव प्रचार कवर करते हुए ट्रंप समर्थकों से बात की तो उनका साफ कहना था कि वे अब अमेरिकी व्यवस्था को बदल डालना चाहते हैं। ग्रीन बे में एक रैली की व्यवस्था देख रहे 25 वर्षीय ट्रंप समर्थक जैर्ड हालब्रूक ने कहा कि यदि ट्रंप यह चुनाव हारते हैं तो यह ‘चुनाव की चोरी’ करने जैसा होगा और ऐसा होने पर अमेरिका में एक ‘क्रांतिकारी युद्ध’ होगा। 
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फ्लोरिडा, नार्थ कैरोलिना, ओहियो, पेनसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन प्रांतों में भी ट्रंप के समर्थकों ने इसी तरह की बातें कीं। दूसरी तरफ अमेरिका में बुजुर्ग मतदाता भी युवाओं के इस उबाल से चिंतित हैं। 75 वर्षीय रोजर पिलैथ ने कहा कि मुझे डर है कि चुनावों के बाद अमेरिका में कहीं दंगे न भड़क उठें। 
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यह तो सिर्फ एक बानगी है, ट्रंप समर्थक व्यवस्था के प्रति इससे भी कहीं ज्यादा नाराज हैं। जबकि दूसरी तरफ डेमोक्रेटिक इस बात से परेशान है कि हिलेरी का ई-मेल केस दुबारा खुलने के बाद के जिस प्रकार सर्वेक्षणों में ट्रंप के साथ हिलेरी का ‘मार्जिनल वोट गैप’ कम हुआ है, वह झकझोरने वाला हो सकता है। हिलेरी समर्थक  डेमोक्रेट्स मानते हैं कि यदि ट्रंप जीत गए तो अमेरिका के हित में लिए गए कई फैसले वह पलट देंगे। 

खासतौर पर बंदूक और दवा लॉबी के दबाव में ट्रंप देश की नीतियों के साथ बड़े समझौते कर सकते हैं। इसके अलावा रूस के साथ ट्रंप पहले ही संबंध बढ़ाने की बात कह चुके हैं। इससे सीरिया और इराक के अभियान कमजोर पड़ सकते हैं। डेमोक्रेट इस बात से भी चिंतित हैं कि यदि ट्रंप की मेक्सिको दीवार बनाने अथवा मस्जिदों पर निगरानी की पहल कहीं अमेरिका को दंगों की आग में न झोंक दे।

हिलेरी जीतीं तो भड़केंगे ट्रंप समर्थक

If Trump loses, will there be an uprising?

अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक पूरी तरह से मान रहे हैं कि यदि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग नहीं किया गया तो चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की जीत सुनिश्चित है। इसीलिए यदि परिणाम हिलेरी क्लिंटन के पक्ष में गया तो ट्रंप समर्थक देश में विद्रोह खड़ा कर सकते हैं। अमेरिका में छह प्रांतों में युवा समर्थक अमेरिका में घटते रोजगार व आय तथा सिमटते कारोबार तथा नौकरी के कम होते अवसरों को लेकर काफी भड़के हुए हैं। वे किसी भी सूरत में हिलेरी को राष्ट्रपति बनते देखना नहीं चाहते हैं। 

जबकि इन प्रांतों के बुजुर्ग मतदाता भी युवाओं के इस गुस्से को लेकर चिंतित हैं। बुजुर्ग मानते हैं कि उन्होंने अमेरिका को श्वेत-अश्वेतों के बीच इतना बंटा हुआ पहले कभी नहीं देखा है। अमेरिका इन दिनों एक तरह की क्रांति के दौर से गुजर रहा है। ट्रंप पहले ही 27 फीसदी मुस्लिमों को वह आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए अमेरिकी मस्जिदों पर निगरानी बढ़ाने की बात कह चुके हैं। ऐसे में हिलेरी के जीतने पर ट्रंप समर्थक अपना गुस्सा निकालने के लिए देश में आंतरिक तनाव बढ़ा सकते हैं।

ट्रंप जीते तो ये बदलाव होंगे
विदेश नीति में बड़े बदलाव : ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिका अपने विकास के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन से प्रेरणा ले। इसके अलावा चीन और कश्मीर पर भी उनका रुख स्पष्ट नहीं है। इराक, सीरिया, इस्राइल-फिलिस्तीन को लेकर भी उनका रवैया अमेरिका के पारंपरिक नेताओं के फैसलों से मेल नहीं खाता है। वह रियल एस्टेट को बढ़ावा देने के लिए भी विदेशी निवेश नीति में आमूल चूल बदलाव कर सकते हैं।

गन और दवा कारोबार : डोनाल्ड ट्रंप पर दवा और बंदूक लॉबी के साथ मिलकर काम करने का आरोप है। अत: वे अमेरिका में खुलेआम हथियार रखने के पक्षधर हैं। जबकि दवा कारोबार पर ओबामा ने काफी हद तक नियंत्रण पाया है, जिसे ट्रंप खत्म कर देंगे। यह दोनों ही नीतियां अमेरिका के लिए घातक साबित होंगी और नस्लीय हिंसा बढ़ा सकती हैं। ट्रंप गर्भवती महिलाओं को लेकर भी सख्त फैसले ले सकते हैं।

बदलेंगे नाटो व दक्षिण एशिया संबंध : नाटो को लेकर ट्रंप अभी ज्ञान ले ही रहे हैं, उन्हें इसका अनुभव नहीं होने और कट्टरपंथी होने का खामियाजा नीतियों को बदलकर उठाना पड़ सकता है। दक्षिण एशिया में भी वह कभी चीन के पक्ष में बोलते रहे हैं और कभी भारत के  पक्ष में। ऐसे में उनकी नीति क्या होगी यह रहस्य का विषय है। मेक्सिको सीमा पर दीवार को लेकर भी उनका बड़े फेरबदल करना सुनिश्चित माना जा रहा है। 

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