'गोरे लोगों को मारना चाहता हूं '
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अमरीका के डैलस में पुलिस प्रमुख ने बताया है कि पुलिस पर गोलीबारी में मारे गए संदिग्ध ने मरने से पहले कहा था कि वो गोरे लोगों को मारना चाहता था और उसके निशाने पर खास तौर पर गोरे पुलिस अधिकारी थे।
हमलावर की पहचान 25 वर्षीय मिकाह जेवियर जॉनसन के रूप में हुई है। जॉनसन अमरीकी सेना में सेवाएं दे चुके हैं और उन्होंने अफगानिस्तान युद्ध में हिस्सा लिया था। डैलस के पुलिस प्रमुख डेविड ब्राउन ने कहा कि हाल ही में पुलिस फायरिंग में काले लोगों की मौत को लेकर वो नाराज था।
अधिकारियों के मुताबिक बंदूकधारियों ने काले लोगों की पुलिस की गोली से मौत के विरोध में निकाले गए मार्च के अंत में गोलियां चलाईं जिसमें पांच पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई।
हमलावर एक ही था या संख्या इससे ज्यादा थी
पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि हमलावर एक ही था या संख्या इससे ज्यादा थी। डेविड ब्राउन ने बताया कि उस इमारत में पुलिस ने एक रोबोट के जरिए विस्फोटक रखे थे जहां संदिग्ध छुपा हुआ था, और मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी।
इससे पहले संदिग्ध के साथ पुलिस के प्रतिनिधियों की बातचीत में उसने कहा कि वो गोरे लोगों से गुस्सा है। अमरीकी मीडिया में आ रही रिपोर्टों के मुताबिक संदिग्ध की पहचान 25 वर्षीय मिकाह जॉनसन के तौर पर हुई है, वो डैलेस के मेसक्वायट का रहने वाला था। इसके अलावा संदिग्ध ने कहा कि वो किसी गुट से जुड़ा हुआ नहीं है और अकेले ही ये हमला कर रहा है।
बंदूकधारियों ने ऊंचाई से हमला किया
हालांकि पुलिस का मानना है कि हमले में एक से ज्यादा बंदूकधारी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि हमला काफी सोच समझकर और योजनाबद्ध तरीके से किया गया।
मिनेसोटा में फिलांडो कैस्टिल और लुइजियाना के बैटन रूज में आल्टन स्टर्लिंग की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई थी। ये मौतें इस प्रदर्शन का कारण बनी। इससे पहले डेविड ब्राउन ने कहा था कि संदिग्धों ने मिलकर राइफल से हमला किया।
उन्होंने कहा कि दो बंदूकधारियों ने ऊंचाई से हमला किया था जिससे पुलिस अधिकारियों को पीठ में गोली लगी। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हमले को क्रूरतापूर्ण बताया है।