'राष्ट्रपति बनी तो नहीं भेजूंगी इराक-सीरिया में सेना'
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अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के दावेदारों में सबसे आगे चल रहीं डेमोक्रेट हिलेरी क्लिंटन ने वादा किया है कि यदि वह राष्ट्रपति चुनी जाती हैं तो वह युद्धग्रस्त इराक या सीरिया में अमेरिकी सैनिकों को नहीं भेजेंगी।
उन्होंने कहा कि इन जगहों पर अमेरिकी सैनिकों को भेजना एक भयावह गलती होगी। हालांकि, उन्होंने अमेरिकी लड़ाकू बलों की विदेशों में तैनाती पर कोई समग्र बयान देने से इनकार किया।
हिलेरी ने कहा, ‘मैं अमेरिकी लड़ाकू बलों को इराक या सीरिया नहीं भेजूंगी। यह एक भयावह गलती होगी।’
आतंकी संगठनों का नेटवर्क सिर्फ आईएसआईएस ही नहीं
एक कार्यक्रम के दौरान हिलेरी ने न्यू हैम्पशाइर के दर्शकों से कहा कि
अमेरिका हालांकि देश के समक्ष खतरों को देखते हुए विशेष बलों का इस्तेमाल
करना जारी रखेगा।
उन्होंने कहा, ‘आतंकी संगठनों का नेटवर्क सिर्फ आईएसआईएस
ही नहीं, बल्कि अन्य भी इस दुर्भाग्यपूर्ण नेटवर्क का हिस्सा हैं जो उत्तर
अफ्रीका से दक्षिण एशिया तक फैला हुआ है।
यह दोस्तों, सहयोगियों,
साझेदारों और हमारे लिए भी एक गंभीर खतरा है।’ पूर्व विदेश मंत्री ने कहा,
‘हमें अपने देश को सुरक्षित रखना है और आईएसआईएस को हराने, उस आतंकी खतरे
के खात्मे के लिए शेष दुनिया के साथ काम करना है। विदेशों में सैनिकों की
तैनाती को लेकर दर्शकों से आए सवाल के जवाब में हिलेरी ने कहा कि वह समग्र
बयान नहीं दे सकतीं।