मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों से प्रभावित अमेरिका ने पढ़े भारत की शान में कसीदे
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ओबामा प्रशासन की मानें तो मोदी सरकार में कारोबार और निवेश के लिए उठाए जा रहे सुधारवादी कदमों से भविष्य में और सुनहरे परिणाम सामने आएंगे।
अमेरिका ने मोदी सरकार की जीएसटी को लेकर की गई कोशिशों की सराहना की है। अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि जीएसटी से दोनों देशों के बीत कारोबार और आसान होगा। अमेरिका ने जीएसटी के अलावा बैंकरप्सी बिल और एफडीआई में ढील जैसे मोदी सरकार के कदमों की भी सराहना की।
भारत-अमेरिका के बीच कारोबार 109 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंचा
अमेरिका ने भारत के साथ मजबूर हो रहे कारोबार की खुशी जाहिर की और बताया कि दोनों देशों के बीच कारोबार 109 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री पेन्नी प्रित्जकर सोमवार को भारत की तीन दिनी यात्रा पर पहुंच रही हैं। प्रित्जकर ने बताया कि उनका फोकस चेन्नई से चार्ल्सटन के बीच करार करने पर है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पर्यटन और सब-नेशनल एंगेजमेंट जैसे क्षेत्रों मे अगले साल तक वित्तीय कारोबार जोर पकड़ेंगा।
प्रित्जकर ने ओबामा प्रशासन के दौरान भारत के साथ बढ़ाए गए व्यापारिक संबंधों का सराहना भी की और कहा कि साढ़े सात वर्षों में दोनों देशों के बीच वित्तीय संबंध मजबूत हुए है ।
भारत ने 52 हजार अमेरिकियों को दी नौकरी
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने कहा कि अमेरिका और भारत कारोबार और निवेश में बढ़ोतरी का मुनाफा कमा रहे हैं। 2005 में अमेरिका के साथ भारत का द्विपक्षीय कारोबार 37 अरब डॉलर का था, जो कि 2015 तक बढ़कर 109 अरब डॉलर तक पहुंच गया। 2015 में भारत में अमेरिका ने 28 बिलियन डॉलर का निवेश किया।
इसी के साथ अमेरिका में भारत ने 11 अरब डॉलर का निवेश किया। अमेरिका स्थित भारतीय कंपनियों ने तकरीबन 52 हजार अमेरिकियों को नौकरी पर रखा है। इससे वहां कि लोगों को रोजगार का बढ़िया साधन मिल गया।
प्रित्जकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच हर साल तकरीबन 10 लाख लोग आवाजाही करते हैं। इसे देखते हुए टूर एंड ट्रैवल्स के क्षेत्र में अच्छे कारोबार के आसार हैं, क्योंकि यात्रियों की संख्या निश्चित तौर पर बढ़ने वाली ही है।