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गूगल को युद्ध के कारोबार में नहीं उतरना चाहिए : कर्मचारी

Fri, 06 Apr 2018 08:39 AM IST
एजेंसी/ वाशिंगटन
एजेंसी/ वाशिंगटन Updated Fri, 06 Apr 2018 08:39 AM IST
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google employes are not in support of pentagon artificial intelligence project

हजारों गूगल कर्मचारियों ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के साथ काम करने के कंपनी के निर्णय का विरोध किया है। इन सभी ने एक पत्र पर हस्ताक्षर किया है जिसमें कंपनी के दर्जनों वरिष्ठ इंजीनियर भी शामिल हैं। दरअसल गूगल पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय) की एक योजना में शामिल है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल वीडियो इमेजरी की व्याख्या करने के लिए करती है। इसका इस्तेमाल ड्रोन हमलों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।

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विरोध वाले पत्र पर अब तक 3,100 कर्मचारियों के हस्ताक्षर हो चुके हैं। दरअसल संघीय सरकार तेजी से बढ़ रहे कृत्रिम बुद्धि को सैन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करना चाहती है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई को संबोधित करते हुए पत्र में लिखा गया है कि हमारा मानना है, ‘गूगल को युद्ध के कारोबार में नहीं उतरना चाहिए।’ गूगल को ‘मावेन परियोजना’ से अपना हाथ खींच लेना चाहिए। 
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उन्होंने यह नीति घोषित करने की मांग भी की कि गूगल कभी भी युद्ध तकनीक नहीं बनाएगा। दरअसल ‘मावेन परियोजना’, पेंटागन का एक पायलट कार्यक्रम है। कंपनी ने बाद में प्रोजेक्ट मावेन पर अपने काम को ‘गैर-आक्रामक’ प्रकृति का बताया। लेकिन पेंटागन के वीडियो विश्लेषण का इस्तेमाल आतंकवाद और आतंकवाद विरोधी आपरेशनों में किया जाता है जिसे रक्षा विभाग प्रकाशनों में भी देखा गया है।

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